कभी हार मत मानो. अपनी रणनीति का पालन करें और 100% प्रयासों के साथ परीश्रम करें - गुंजन द्विवेदी (AIR 9; CSE 2018)

अपने पिता से मिली प्रेरणा ने गुंजन द्विवेदी के लिए कैरियर चुनने की राह आसान कर दी. गुंजन के पिता एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं और वह बचपन से ही उनके रोल मॉडल भी रहे हैं.

गुंजन को यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली. इससे पहले अपने दोनों प्रयासों में सही रणनीति नहीं मिल पाने के कारण असफलता का सामना करना पड़ा. इस बार उनके एक मित्र की एक बहुमूल्य सलाह कारगर रही जिसने उन्हें प्रारंभिक परीक्षा की योजना बनाने में मदद की और पहला चरण पार कर गुंजन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सिविल सेवा परीक्षा 2018 में 9वीं रैंक हासिल की.

उनका वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध रहा.

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सिविल सेवा परीक्षा एक बड़ी परीक्षा है और तैयारी के दौरान उतार-चढ़ाव इस यात्रा का एक अहम हिस्सा हैं.

तैयारी करते समय, आप यदि कुछ गलतियाँ कर बैठते हैं तो यह एक निश्चित संकेत है कि आप प्रयास कर रहे हैं. परन्तु, यदि आप कठिन परिस्थितियों में अपनी गतिविधियों को संभाल नहीं सकते हैं, तो अपनी चीजों को प्रबंधित करना वास्तव में चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

सफलता का कोई साँचा तो है नहीं; यहाँ आपको अपनी गलतियों से सीखने और अपना रास्ता बनाने की जरूरत है.

गुंजन द्विवेदी (AIR 9; CSE 2018) को अपने पहले दो प्रयासों में कड़ी मेहनत के बावजूद विफलता हाथ लगी और इसके कारण रहा - सही रणनीति का अभाव. लेकिन, उनके प्रयास जारी रहे और इस बार गुंजन ने सुनिश्चित किया कि उनकी रणनीति कारगर रहती है.Gunjan-Dwivedi-IAS-Topper-UPSC-CSE-2018-9th-Rank

गुंजन ने इस प्रयास के लिए अपने प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “मैंने अपनी मासिक, साप्ताहिक और दैनिक योजना को रणनीति के हिस्से के रूप में लिखा. इसमें कोई शक नहीं कि कुछ योजनी में कुछ बदलाव रहे; लेकिन, मैंने त्वरित संशोधन किए और मैंने सुनिश्चित किया कि मैंने इसका कम से कम 90% पूरा कर लिया.”

इस बार मेरे लिए काम करने वाली चीजें थीं; पहला, एक दोस्त का बहुमूल्य परामर्श जिसने मुझे परीक्षा को समझने में मदद की और दूसरा, मेरे परिवार से लगातार समर्थन और प्रेरणा.

मेरे पिता एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं; वह बचपन से ही मेरे आदर्श रहे. मेरी माँ और भाई ने सुनिश्चित किया कि चाहे कुछ भी हो मैं खुश रहूँ. मेरी बहन सहारनपुर, यू.पी. में वाणिज्यिक कर अधिकारी के रूप में कार्यरत्त हैं.Gunjan-Dwivedi-IAS-Topper-UPSC-CSE-2018-9th-Rank

तैयारी करते समय, वैकल्पिक विषय चयन प्रमुख निर्णयों में से एक है; मेरे मामले में यह एक आसान विकल्प था; मेरे स्नातक का विषय - राजनीति विज्ञान. यह एक ऐसा विषय है जो वास्तव में सामान्य अध्ययन में भी मदद करता है; और यह मेरी पसंद का विषय रहा. मैंने ग्रेजुएशन के तीन वर्षों के दौरान इस विषय को पढ़ा इसलिए मेरे लिए यह बहुत स्वाभाविक चयन था.

राजनीति विज्ञान की पृष्ठभूमि के साथ सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 2 को समझना आसान रहा और योजना के अनुसार सामान्य अध्ययन के लिए तैयारी का प्रबंधन करना आसान रहा.

जहां तक ​​अन्य प्रश्न-पत्रों का सवाल है, संसाधन हर जगह उपलब्ध हैं; मैंने बुनियादी पुस्तकों का उपयोग किया जिनकी प्रत्येक टॉपर ने सिफारिश की थी. लेकिन, एक बात का ध्यान रखा कि इन पुस्तकों को पढ़ा, नोट्स लिखे, इन्हें निरन्तर संशोधित किया और यह सुनिश्चित किया कि मैं इन नोट्स का रिवीज़न करती रहूं.

कला और संस्कृति, पर्यावरण जैसे कुछ विषय थे जिनमें मैंने अपने नोट्स बनाए.

इस बार, कोई संदेह नहीं है कि मैंने अभी भी कड़ी मेहनत की, पर फिर भी प्रारंभिक परीक्षा के तुरन्त बाद मैंने अपने अंकों की गणना की और मुझे यकीन नहीं था कि मैं इस बार भी प्रारंभिक परीक्षा पार कर सकूंगी और इस वजह से मैंने एक महीना बर्बाद कर दिया. इस डर के पीछे कारण भी था - पिछले अवसरों पर मैं अपनी प्रारंभिक परीक्षा को पार नहीं कर सकी थी, मैं वास्तव में निराश हो गयी थी.

जब आप प्रारंभिक परीक्षा दे कर वापस आते हैं, तो एक बार आप अपने स्कोर की गणना करते हैं, इससे आपको एक विचार मिलता है कि आप इसे पार कर सकेंगे या नहीं. मेरा स्कोर एकदम सीमा पर रहा और अपना प्रारंभिक परीक्षा परिणाम जानने के बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

सौभाग्य से, उस समय मेरे सामने मेरी पी.सी.एस. मेन्स परीक्षा थी; इसलिए, मैंने पढ़ाई बंद नहीं की और इससे मुझे सामान्य अध्ययन की तौयारी को संभालने में मदद मिली. पी.सी.एस. मेन्स के लिए अध्ययन-योजना में निरंतरता ने भी मुझे मेरे वैकल्पिक विषय में भी मदद की क्योंकि इसके लिए मुझे राजनीति विज्ञान का भी अध्ययन करना था.

मुझे पता था कि निबंध के लिए मैंने निबंध-लेखन का बहुत अभ्यास नहीं किया है. इसलिए, मैंने उद्धरण और कहावतें सीखीं जिनका मैं अपने निबंध में उपयोग कर सकती थी और मैंने टॉपर्स के निबंधों को भी पढ़ा.Gunjan-Dwivedi-IAS-Topper-UPSC-CSE-2018-9th-Rank

अगर मुझे शीर्ष रैंक प्राप्त करने में सबसे अधिक योगदान देने वाले कारकों को चिन्हित करना हो तो इसमें सबसे बड़ा रोल मेरे एक मित्र का है जिसने मुझे प्रारंभिक परीक्षा के बारे में उचित रणनीति बनाने में मदद की.

एक अन्य कारक था टेस्ट सीरीज़; मैंने बहुत सारे टेस्ट लिए. मैं उसके लिए दिल्ली नहीं गई ; बस घर पर बैठ मैंने इन परीक्षाओं का ईमानदारी से अभ्यास किया. अभ्यास आपको एक समय में सोच कर लिखना सिखाता है.

लेकिन, अंत में सब कुछ आपकी रणनीति पर निर्भर है और इसके सावधानीपूर्वक क्रियान्वयन पर.

सफलता का श्रेय

मेरे माता-पिता, विशेष रूप से मेरे पिता जिन्होंने मुझ पर विश्वास रखा.

सफलता का रहस्य

मैं किसी भी समय नकारात्मक सोच में नहीं फंसी क्योंकि यह हमें केवल नीचे लाता है. मैंने खुद को लगातार सकारात्मक रहने के लिए मजबूर किया.

भविष्य के उम्मीदवारों के लिए सलाह

कभी हार मत मानो ; अपनी रणनीति का पालन करें, अपनी मेहनत और 100% प्रयासों में लगा अपने सपनों को साकार करें.

On Saturday 4th May 2019     

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