अपनी स्मार्ट अध्ययन-योजना से दृढ़ता से तब तक जुड़े रहें, जब तक वांच्छित सफलता प्राप्त न हो जाये - अतिराग चपलोत (AIR 15; CSE 2018)

उदयपुर (राजस्थान) के सांवर गाँव के अतिराग चपलोत ने अपनी स्कूली शिक्षा फतहनगर और उदयपुर से की और स्नातक की पढ़ाई मुंबई विश्वविद्यालय से की.

एक अर्हता प्राप्त चार्टर्ड एकाउंटेंट, अतिराग कम उम्र में ही सिविल सेवा की ओर मोहित हो गए और उन्हें विश्वास था कि वह ऐसा कर सकते हैं. उन्होंने अपना लक्ष्य को पूरा करने के लिए तीन प्रयास लिए.

उन्होंने लगातार असफलता के कारण उत्पन्न व्यथा के बावजूद अपने लिए राह साफ करने की ताकत दिखाई और अपनी पिछले प्रयास में की गलतियों से सीखते हुए ऊपर उठने का  कार्य किया.

सी.ए. बैकग्राउंड से होने के कारण, अतिराग ने वैकल्पिक विषय के रूप में कॉमर्स और अकाउंटेंसी को विकल्प के रूप में चुना.

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सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का सबसे मजबूत कारक आत्म-सम्मान है. पहली बात जो मायने रखती है वह यह है - आपका अपने लक्ष्य में विश्वास और आप इसे अपनी पहुंच के भीतर मानते हैं; बल्कि, सोच यह रहे कि आप इसके लायक हैं.

सफलता के दृष्टिकोण के साथ प्रतिभाशाली अतिराग चपलोत (AIR 15; CSE 2018) ने अपने उद्यम की शुरुआत की थी; हालांकि, उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अपने तीसरे प्रयास तक इंतजार करना पड़ा.

स्वप्निल कैरियर के लिए अपनी यात्रा-वृतांत साझा करते हुए अतिराग ने कहा, “एक महत्वाकांक्षी उम्मीदवार को स्मार्ट अध्ययन-योजना से तब तक जुड़े रहने की दृढ़ता होनी चाहिए जब तक कि वांच्छित सफलता प्राप्त न हो जाए. मैं अपने को शिक्षा-अर्जन और पिछली उपलब्धियों के आधार पर एक गंभीर दावेदार मानता रहा हूं – आर्टिक्ल ऑफ द ईयर (2014 सी.ए.), सर्वश्रेष्ठ आउटगोइंग छात्र (2011), ऑल इंडिया रैंक 15 (सी.ए. आई.पी.सी.सी.); ऑल इंडिया रैंक 16 (सी.ए. फाइनल) और जब मैंने सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया तो मुझे हमेशा विश्वास था कि मैं इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करूंगा.”ATIRAG-CHAPLOT-IAS-Topper-15th Rank-CSE-2018-Commerce-CA-UPSC

अतिराग की रुचियों योग, ध्यान (विपश्यना), आत्म-विकास और यहां तक ​​कि वेब सर्फिंग ने उन्हें कठिन समय में अपने प्रयास जीवन्त रखने और अंत में अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की.

यह बताते हुए कि उनका अपनी कैरियर-उन्नति में सिविल सेवाओं की ओर रुख कैसे हुआ अतिराग ने बताया,“ चार्टर्ड अकाउंटेंसी मेरे बैक-अप योजना का हिस्सा था; सिविल सेवाओं में कैरियर कक्षा 9 से मेरी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा बन गया था जब मै ब्यूरोक्रेट्स द्वारा प्रदान सेवाओं के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से उदयपुर में, वास्तव में मैं इस ओर स्वतः ही खिंचा चला आया. जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से प्रेरणा लेते हैं, जो 'प्रभावशाली' हों, तो आप इस तरह के प्रभावों का अनुकरण करने की कोशिश करते हैं और इसने मुझे इस परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया."ATIRAG-CHAPLOT-IAS-Topper-15th Rank-CSE-2018-Commerce-CA-UPSC

मैं एक साधारण परिवार से आता हूं; मेरे पिता पास के शहर में कपड़े के छोटे व्यापारी हैं और मेरी माँ गृहिणी हैं. मेरी बहन भी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. इन सभी का नैतिक समर्थन और विश्वास मेरे लिए सफलता का कारक रहा.

मैंने परिवार के समर्थन और वरिष्ठों के मार्गदर्शन के साथ अपनी तैयारी शुरू की. तैयारी के लिए, मुझे पिछले कुछ सफल उम्मीदवारों से थोड़ी सलाह मिलीं. इसके अलावा मैंने अपनी रणनीति बनाई और तैयारी के लिए स्रोतों को चुना.

मेरा पहला प्रयास गैर-गंभीर था. दूसरे प्रयास ने मुझे असफलताओं, जीवन, लेखन-अभ्यास के महत्व, ऐसे प्रयासों में सहायता की भूमिका आदि के बारे में बहुत कुछ सिखाया.

मैंने अपने दूसरे प्रयास में जिन चीजों को महसूस किया, वे सभी मेरी सफलता में महत्वपूर्ण रहे और यह सिर्फ परिवार के समर्थन के कारण ही संभव हो सका. इसके अलावा, लेखन-अभ्यास और एक योजनाबद्ध प्रयास ने मुझे अपने तीसरे प्रयास में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद की.

मेरे पास एक बैक-अप योजना थी क्योंकि यह परीक्षा और इसके परिणाम अप्रत्याशित हैं. मैंने अपनी अध्ययन की आदतों, अवधारण, रुचियों आदि को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत रणनीति तैयार की.

जैसा कि सब जानते है कि प्रारंभिक परीक्षा 80% चुनौती 20% भाग्य है. इसे स्मार्ट अध्ययन और अधिकतम मॉक-प्रीलिम्स द्वारा प्रबंधित किया जाना अनिवार्य है.

एक कारक जो बहुत मायने रखता है वह है वैकल्पिक विषय; कई टॉपर्स ने मैरिट-सूची में आने और अच्छी सेवाएं प्राप्त करने के लिए वैकल्पिक विषय में स्कोर का लाभ उठाया है.

वैकल्पिक विषय का चयन बहुत महत्वपूर्ण है; हमेशा वैकल्पिक पर पकड़ के साथ मानसिक आत्मविश्वास होना आवश्यक है, ताकि हम सामान्य अध्ययन और उत्तर लेखन पर आपेक्षाकृत अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें.

मुझे सामान्य अध्ययन के प्रत्येक प्रश्न-पत्र में रुचि रही. इस प्रयास में उत्तर लेखन और प्रस्तुति और प्रश्न-पत्र के पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया. मैंने सीमित स्रोतों का चयन करने की कोशिश की और जिन्हें बार-बार संशोधित किया.

सबसे महत्वपूर्ण पिछले वर्षों के सफल उम्मीदवारों की उत्तर प्रतियां और इंटरनेट पर मॉडल निबंध का पठन रहा. मैंने अपने सामान्य अध्ययन के नोट्स को विषय-वार चिन्हित किया जिससे निबंध से पहले अंतिम दिन इन्हें संशोधित करने में मदद मिली.

मेरा व्यक्तित्व परीक्षण 13 मार्च 2019 को हुआ और मैंने डॉ. मनोज सोनी सर के बोर्ड का सामना किया. यह एक सुखद और संतोषजनक अनुभव रहा. मैंने इस बार भारत में साक्षात्कार में सर्वाधिक अंक (206 अंक) प्राप्त किए है.

रैंक 15 जो IAS का पद सुनिश्चित करता है, केवल साक्षात्कार में अच्छे अंकों के कारण संभव है और मुझे स्वीकार करना चाहिए कि मेरा अंतिम स्कोर साक्षात्कार में मेरी अपेक्षाओं से अधिक है.

पिछले चयन

मैं सी.ए. फाइनल में भी ऑल इंडिया रैंक 16 पर रहा हूं. (आयु 20 वर्ष)

सफलता का रहस्य

सफलताओं या असफलताओं की परवाह किए बिना लगातार प्रयास

सफलता का श्रेय

मेरी माँ, पिता, बहन और मेरे स्कूल के एक वरिष्ठ डॉ. अभिषेक गोयल (वर्तमान में एक आर.ए.एस.)ATIRAG-CHAPLOT-IAS-Topper-15th Rank-CSE-2018-Commerce-CA-UPSC

भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों हेतु मार्गदर्शन

यह एक बड़ी परीक्षा है और इसके लिए नियोजित अध्ययन की आवश्यकता है.

निम्नलिखित तीन मंत्र आपको निश्चित रूप से सफलता के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं:

1. आत्म विश्वास रखें

2. शान्त वातावरण में पढ़ाई करें

3. जितनी बार संभव हो, संशोधित करें.

Last Update Thursday 18th July 2019     

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