10 कारक जो हिन्दी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा में आपके अभियान को सही दिशा दे सकते हैं

सिविल सेवा परीक्षा में हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों को सही और गलत में फर्क करना ही होगा.

सबसे आसान काम है कि किसी अन्य को दोष दे आप अपने को पाक-साफ साबित करने की कोशिश करने लगें और आधारभूत बातों को नज़रआंदाज कर अपने आप में बदलाव लाने की ज़रूरत को भूल जाओ.

जब प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही हिन्दी माध्यम के उम्मीदवार अपने को अंग्रेजी पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों से कमजोर समझते हैं तो आप बड़ी सफलता की आशा कैसे कर सकते हैं ?

सिविल सेवा परीक्षा में उच्च सफलता के लिए आपको चाहिये एक संतुलित तैयारी के साथ सिविल सेवा परीक्षा का सामना करने के लिए मानसिक तत्परता.

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हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों की स्थिति कुछ ऐसी है कि जब सिविल सेवा परीक्षा की बात आती है तो बिना परीक्षा प्रणाली को समझे, आधी-अधूरी जानकारियों के आधार पर और प्रचलित धारणाओं का अनुसरण करते हुए बस राग आलापना शुरू कर दों कि यू.पी.एस.सी ने हिन्दी माध्यम के साथ अन्याय किया है.

वर्तमान स्थिति बयां करने के लिए इन शब्दों का सहारा ले रहा हूँ जो हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों पर सटीक बैठते हैं.

"उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा,

धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा"

बुरा ने माने पर इस प्रक्रिया में हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों ने अपना ही नुकसान किया है.

यू.पी.एस.सी ने तो हर बार की तरह इस वर्ष भी सिविल सेवा परीक्षा 2018 के नतीजे घोषित किए और परीक्षा-प्रक्रिया सम्पन्न कर आगामी सिविल सेवा (प्रारम्भिक) परीक्षा 2019 के आयोजन की ओर कदम बढ़ा दिये हैं, परन्तु, हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों में एकबार फिर निराशा की स्थिति है.

एक बार फिर से चोट खाने के बावजूद उम्मीदवारों में वास्तविकता की अनुभूति नहीं.

इस हार को स्वीकार कर हिन्दी माध्यम के उम्मीदवार आगे बढ़े और अगली परीक्षा के लिए अपने को मज़बूत बना अपनी उपस्थिति का एहसास करायें; इसके लिए मैंने 10 कारक सूचीबद्ध किये हैं जो आपको इस कैरियर-यात्रा में उच्च प्रयास हेतु प्रेरित करेंगे.

1. सफलता की आशा के साथ तैयारी

हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों का भाग्य यदि कोई बदल सकता है तो वह स्वयं ही ऐसा कर पाने में समर्थ हैं और कोई आपकी मदद नहीं कर सकता.

मैं केवल आपको जगाने की कोशिश कर रहा हूँ इसमें मेरा कोई व्यवसायिक हित नहीं. हाँ, कोचिंग संस्थानों का अवश्य हो सकता है. आपने देख लिया कि कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो आपको क्या मिला ?

एक तरह से कोचिंग संस्थानों ने तो अपनी ओर से कार्य किया; आपकी जिन्दगी आसान कर दी है. अंग्रेजी समाचार-पत्रों का निचोड़, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लेखों का अनुवाद, NCERT पुस्तकों को सरल बना आपकी तैयारी को सुगम बनाना.

पर फिर भी, परिणाम वहीं का वहीं.

अरे ज़नाब, हर वर्ष गिरावट ही दिख रही है.

ऐसे में आपको ज़रूरत है नये जोश, सफलता की उमंग की और अपने आप मे विश्वास की.

मैं मानता हूँ कि आप कई उम्मीदवारों से बहुत अच्छे हैं जो अपनी कमियाँ जानते हैं वरन् लोगो तो यही ढ़ूंढ़ते रह जाते हैं कि आखिर कमी कहाँ रह गई.

यह कोई तर्क नहीं कि मेरी पृष्ठभूमि ऐसी है – वैसी है. जो भी परिस्थिति रही हो यदि आपमें ज़स्बा है, ज़ुनून है और अपने स्वप्न को साकार करने का प्रण लिया है तो हर कमी को कुछ समय में पूरा किया जा सकता है. पर इसके लिए केवल बातें बनाने से काम नहीं चलेगा, मेहनत करनी होगी.

2. कितनी अच्छी तरह आप परीक्षा-प्रणाली से परिचित हैं

आप भी कहेंगे कि कहाँ से शुरूआत कर रहा हूँ ;आज प्रत्येक उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा से वाकिफ है - प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार बस.

सही कहा आपने पर क्या आपने इस प्रणाली को अपनाने की यू.पी.एस.सी की मंशा को समझने का प्रयास किया है

सिविल सेवा परीक्षा अधिसूचना से अंनुशासा का समयबद्ध कार्यक्रम यू.पी.एस.सी का एक बंधा-बंधाया काम सा लगता है, है ना.

पर जब सब सामान्य सा, नियमित कार्यक्रम है तो केवल हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों को ही कठिनाई का सामना क्यों करना पढ़ रहा है ?

स्पष्ट है हिन्दी माध्यम का नुकसान का सारा फायदा अंग्रेजी माध्यम को.

यहाँ ज़रूरत है उल्टा चलने की – साक्षात्कार को ध्यान में रख परीक्षा में शामिल होने का मन बनाये और मुख्य परीक्षोन्मुख तैयारी शुरू की जाये जिससे प्रारम्भिक परीक्षा की लगभग तैयारी स्वतः ही हो जाये.

आप क्या कर रहे हैं यह एक बार जाँच लें और बात की गहराई को समझें.

3. परीक्षा-पाठ्यक्रम को समझें

आपमें से कितने उम्मीदवार हैं जो सिविल सेवा परीक्षा के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को ठीक से पढ़ते हैं और विश्लेषण करने का प्रयास करते हैं.

सफलता की आधारशिला आपके शुरूआती कदमों से निर्धारित होती है और तैयारी प्रारम्भ करते समय यदि थोड़ा समय इन छोटी-छोटी बातों पर दिया जाए तो तैयारी को सम्भालना आपेक्षाकृत आसान हो जाएगा.

यदि आप परीक्षा-प्रणाली को ध्यान में रख परीक्षा-पाठ्यक्रम को पढ़ते हैं तो यू.पी.एस.सी की सोच को समझने लग जायेंगे और एकीकृत दृष्टिकोंण  रख मुख्य परीक्षोन्मुख तैयारी की महत्ता को सही से समझ सकेंगे और अपनाने का संकल्प ले तैयारी शुरू करेंगे.

4. आत्मविश्लेषण का महत्व

तैयारी के आरम्भ में आत्मविश्लेषण अत्यंत आवश्यक है जिससे आप अपने बारे में सही राय बना अपनी कैरियर-यात्रा का निर्धारण कर सकते हैं.

अपने सबल एवं दुर्बल पक्षों की पहचान, परीक्षा के प्रत्येक स्तर पर ज़रूरतों के लिए कितने प्रयासों की आवश्यकता है और इन प्रयासों के लिए आपमें सामर्थ्य है कि नहीं; यह सब आपको तैयारी-प्रबंधन में बहुमूल्य योगदान देंगे.

5. वैकल्पिक विषय के लिए उचित निर्णय

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लिए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक वैकल्पिक विषय का चयन है. वैकल्पिक विषय की परीक्षा-प्रणाली में उपस्थिति अभिप्रायपूर्ण है और इसका सीमित, परन्तु एक महत्वपूर्ण अस्तित्व है.

वैकल्पिक विषय का सही चयन आपके प्रयासों को सार्थक बनाने की क्षमता रखता है.

आज अपने विषय में विश्वास दिखा कई उम्मीदवार उचित निर्णय ले रहे हैं. ऐसे में वैकल्पिक विषय की तैयारी में बचे समय को सामान्य अध्ययन में लगा तैयारी को सुदृण किया जा सकता है.

कुछ उम्मीदवारों को लगता है कि एक ऐसे विषय का चयन किया जाए जो सामान्य अध्ययन की तैयारी में कुछ योगदान दे सके. ऐसा करने से पहले यह स्पष्ट कर लें कि इस कदम से ज्यादा फायदा है या कोई और वैकल्पिक विषय आपको अधिक अंक दिला सकता है.

यह निर्णय हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हिन्दी माध्यम में विकल्प सीमित ही नज़र आते हैं.

6. सही पाठ्य-सामग्री, संसाधनों का चयन

तैयारी की सही दिशा का निर्धारण आपके द्वारा उठाये गए कदमों पर निर्भर करता है और आपके प्रयासों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है.

पिछले वर्षों में हिन्दी माध्यम में सराहनीय कार्य हुआ है और सिविल सेवा परीक्षा के प्रत्येक स्तर से जुड़े विषयों और अवयवों पर पाठ्य-सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है.

वैकल्पिक विषयों की बात करें तो कई प्रचलित वैकल्पिक विषय से संबंधित पुस्तकें और पाठ्य-सामग्री एवं नोट्स आसानी से मिल जाते हैं.

फिर, कुछ प्रतिभापूर्ण और बुद्धिमान उम्मीदवार अंग्रेजी में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अपनी तैयारी को नया आयाम देते रहे हैं.

बड़ी सफलता को खोज रहे हैं तो कुछ तो प्रयास करना पड़ेगा. अपने सुविधा क्षेत्र (कम्फर्ट ज़ोन) से बाहर आईये और अपने को सांत्वना देते रहने की बजाए कुछ प्रयास क्यों न कर लिए जायें.

कुछ भी नया सीखने के लिए कितना समय चाहिये – ज्यादा से ज्यादा दो से तीन महीने. पर यह करना तो आपने ही है; सही रणनीति का निर्धारण करें और उस पर कार्य करें.

तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन का निर्णय आपका व्यक्तिगत है. यदि आपको तैयारी के लिए या किसी क्षेत्र विशेष में सहायता चाहिये तो अवश्य इस बारे में सोच सकते हैं.

7. प्रारम्भिक परीक्षा के महत्व को समझें

प्रारम्भिक परीक्षा के लिए आप भी लगभग वही रणनीति अपनाते हैं जो अंग्रेजी माध्यम के उम्मीदवार उपयोग करते हैं – फर्क है जो सिर्फ नज़रिये का और अपने ऊपर विश्वास का.

आप पाठ्यक्रम की सटीक तैयारी तो करते हैं ; परन्तु, ऐसे परीक्षण तकनीकों से कितना परिचित हैं इसका निर्णय स्वयं करें.

यदि इन परीक्षण तकनीकों से अनभिग्य हैं तो अभी भी समय है.

यह एक खुली प्रतियोगिता है और केवल उचित दृष्टिकोण के साथ उच्च प्रयास ही आपकी मेहनत को सार्थक बना सकता है.

ध्यान रहे – हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए प्रारम्भिक परीक्षा पार करना ही एक बड़ी चुनौती बन गया है. जैसा पहले जिक्र किया है यदि आप मुख्य परीक्षोन्मुख तैयारी करने के बाद प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी कर प्रारम्भिक परीक्षा का सामना करते हैं तो आपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन की आशा कर सकते है.

8. अपनी भाषा पर पकड़ बनाये और अभिव्यक्ति को प्रभावी

बात अंग्रेजी या हिन्दी माध्यम की नहीं, भाषा और अभिव्यक्ति आपको अपने स्कूल के दिनों में मिले वातावरण एवं दिशा पर निर्भर करती है जो आपके भविष्य के प्रत्येक कदम को प्रभावित करने की क्षमता रखती है.

यह वह क्षेत्र है जहाँ शायद अंग्रेजी पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को बढ़त मिलती है और यह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में शुरू से ही आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में एक महत्वपूर्ण रोल अदा करता है.

परन्तु, भाषा और अभिव्यक्ति कोई ऐसी चीज़ नही जिसको आप सुधार नहीं सकते. आप थोड़ सा भी प्रयास करेंगे तो अपनी भाषा और अभिव्यक्ति दोनो सुधार सकते है.

इसके लिए हथियार ड़ाल देना या किसी पर पूर्णतः निर्भर हो जाना, कोई समाधान नहीं प्रस्तुत करेगा.

आपको चाहिये अपने पाठ्यक्रम के अतिरिक्त कुछ ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक पुस्तकें जो आपमें आत्म विश्वास भर सके और इस अभियान की दिशा में आपका मार्गदर्शन कर सकें.

पढ़ने की आदत डाले ; यह आदत आपको गम्भीर तैयारी के समय भी फायदा देगी.

जब आप उत्तर लिखेंगे उस समय खड़ी-बोली में आपको लिखना है और इस प्रयास का सबसे बड़ा फायदा होगा कि आपके शब्द-भंडार में वृद्धि होगी और भाषा पर पकड़ आपकी अभिव्यक्ति में अप्रत्याशित सुधार ला देगा.

9. समसामयिकी के लिए समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं का कोई तोड़ नहीं

समाचार-पत्र समसामयिकी की तैयारी का सर्वोत्तम साधन हैं और यह दिनचर्या का एक अंग रहना ही चाहिये.

प्रतियोगिता पत्रिकाओं में परीक्षोपयोगी समसामयिकी संक्षिप्त रूप में विश्र्लेषण के साथ प्रस्तुति आपकी तैयारी का एक अभिन्न अंग बन जाती है. इससे आपकी तैयारी का रिवीज़न साथ हो जाता है और यदि कुछ महत्वपूर्ण समाचार कियी कारणवश छूट गए हों तो कवर हो जाते हैं. 

आपको चाहिये किसी विषय-विशेष से जुड़ी सूचनायें और साथ ही इसकी आधारभूत जानकारियाँ जिससे किसी भी घुमावदार प्रश्न को हल करते समय रिकॉल में मदद मिले और सही उत्तर बनाने में सक्षम हो सकें.

इन दिनों कई कोचिंग संस्थानों की पत्रिकाएँ बाजार में उपलब्ध हैं – इनका उपयोग रिवीजन में करें तो बेहतर. यदि केवल इन्ही को आधार बना तैयारी की तो कठिनाई का सामना हो सकता है.

10. प्रथम प्रयास तब लें जब आपको लगे आप इसके लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं

सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम प्रयास कब लेना है, यह एक रणनीतिक निर्णय होना चाहिये.

तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है कि नहीं और तैयारी के साथ सफलता की कितनी सम्भावनाएँ हैं इसका आंकलन करना आवश्यक है.

आधी-अधूरी तैयारी के साथ प्रयास ले, असफलता का सामना कर, फिर प्रयास करने से अच्छा है कि सटीक तैयारी के बाद ही प्रथम प्रयास लेने के बारे में सोचें.

अच्छी तैयारी के बाद भी यदि असफलता हाथ लगती है तो आप अपनी कमियाँ ढ़ूंढ़ पाने में सक्षम होंगे और अगले प्रयास में उन्नति कर, अंततः सफसता प्राप्त कर सकेंगे.

आशा करता हूँ कि आपको अपनी तैयारी में साहस और धैर्य दिखा प्रारम्भिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में इन बिन्दुओं से कुछ मदद मिलेगी और प्रारम्भिक परीक्षा पार कर अपनी रणनीति के अनुसार आप अगले चरण मुख्य परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन दे, अपने अभियान को पूर्ण करने में सफल रहेंगे.

उच्च सफलता की शुभकामनाओं सहित.

 

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Last Update Friday 19th April 2019     

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