मिलें एक परिवार से जहां चारों भाई-बहनों ने 'सिविल सेवाओं' में स्थान बनाया

यह असामान्य कहानी एक परिवार के बारे में है जहाँ चारों भाइयों और बहनों ने 3 साल की अवधि में एक के बाद एक प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की.

सिविल सेवा परीक्षा 2013 की रिजर्व सूची में बड़े भाई योगेश मिश्रा के चयन से शुरू हुआ यह सिलसिला; फिर माधवी मिश्रा (रैंक 62; सिविल सेवा परीक्षा 2014) जिन्हें मैंने वर्ष 2015 में साक्षात्कार किया.

इस क्रम में सिविल सेवा परीक्षा 2015 में उनके छोटे भाई लोकेश मिश्रा (रैंक 44) और सबसे बड़ी बहन क्षमा मिश्रा (रैंक 172) ने सफलता प्राप्त कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है.

 By:           Read In English

सिविल सेवा परीक्षा मेरे तीन दशकों के कैरियर में और साक्षात्कार आई.ए.एस. टॉपर्स से सिविल सेवा परीक्षा में, कभी-कभी मैं भाग्यशाली महसूस करता हूं कि कई बार ऐसे क्षण आये जब एक के बाद दुबारा, मुझे किसी परिवार की खुशियों का हिस्सा बननें का अवसर मिला.

इस बार मुझे यह अवसर मिला एक परिवार - चार भाइयों और बहनों से - इन सभी ने 3 साल की अवधि में प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एक असाधारण आदर्श स्थापित किया है.

मैं इस परिवार के बारे में बात करने का सौभाग्य महसूस कर रहा हूं, जहां सभी चार भाइयों और बहनों ने अपने मिशन को सार्थक बनाने के लिए जुनून और दृढ़ता दिखाई है और 'सिविल सर्विसेज' में सफलता के साथ अपने परिवार को गौरवान्वित कर अपने माता-पिता कृष्णा मिश्रा जी और अनिल प्रकाश मिश्रा जी का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया.

यह कारनामा प्रतिफल है बच्चों को दिए गए संस्कारों का और माता-पिता इससे अधिक जीवन में और क्या मांग सकते हैं.

एक रविवार की शाम, आई.ए.एस. 2015 के परिणाम के लगभग एक महीने के बाद जब एक शाम मैं अपने परिवार के साथ डिनर के लिए बाहर था, मुझे माधवी मिश्रा (रैंक 62; सिविल सेवा परीक्षा 2014) का कॉल आया, जिन्हें मैंने एक वर्ष पहले साक्षात्कार किया था.
Madhvi-mishra-ias-yopper-upsc-cse-2014-62nd-rank

निसंदेह यह हर्ष भरा संदेश था जिसमें उन्होंने सुखद समाचार साझा किया कि उनके छोटे भाई लोकेश मिश्रा (रैंक 44; सिविल सेवा परीक्षा 2015) और सबसे बड़ी बहन क्षमा मिश्रा (रैंक 172; सिविल सेवा परीक्षा 2015) दोनों ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की है.
Kshama-mishra-ias-topper-upsc-cse-2015-172nd-rank

क्षमा, योगेश, माधवी और लोकेश सभी सौभाग्यशाली रहे और सभी ने 'सिविल सर्विसेज' में कैरियर बनाने में सफलता पाई. "जब आपमें उड़ने की क्षमता है तो मंदगति से क्यों चलें?" – इन भाई-बहनों ने इस कथन को सत्य कर दिखाया.

यह पहली बार नहीं; मुझे इससे पहले भी इसतरह के कई अवसरों का आनंद मिला है. कभी यह किसी के कैरियर की प्रगति का हिस्सा रहा तो  कभी परिवार में एक और सफलता. जो भी हो हर बार मुझे किसी परिवार में उत्सव के से माहौल में फिर से शामिल होने का मौका अन्तः मन को आनन्दित कर देता है.

क्षमा और लोकेश की सफलता के बारे में इतनी अच्छी और प्रेरणादायक घटना सुनकर वास्तव में रोमांचित था; हालाँकि, मैं परिवार के साथ आनंद ले रहा था; लेकिन, मेरा दिमाग पर इस अद्भुत परिवार ने कब्जा कर लिया था जिसमें एक मजबूत दृढ़ संकल्प के साथ प्रत्येक ने सकारात्मक परिणाम प्राप्त किये.

घर वापस आने के दौरान, मैंने माधवी के साथ अपने पिछले साल की बातचीत को याद किया (सिविल सेवा परीक्षा 2014 परिणाम के बाद वह पहली टॉपर थी जिसे मैंने साक्षात्कार किया था) और उनके भाई योगेश मिश्रा के बारे में याद आया, जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2013 में आरक्षित सूची में चयन प्राप्त किया था.

दरअसल, जब मैंने माधवी से संपर्क किया था, सबसे पहले मैंने योगेश से बात की थी; और बाद में, मैंने माधवी से मुलाकात की.

अगली सुबह, मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर सका और लोकेश को फोन लगा दिया. 15-20 मिनट बात करने के बाद, मैं उनकी कहानी सुनने के लिए खुश था और बहुत अच्छा लगा जिस तरह से उन्होंने अपने बड़े भाई योगेश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, मैं शब्दों में भावना व्यक्त नहीं कर सकता.
LOKESH-MISHRA-ias-upsc-topper-cse-2015-44th-rank

यह वास्तव में श्रेयजनक है क्योंकि यह सभी ग्रामीण इलाके में पैदा हुए और पले-बड़े. जिस तरह से एक दूसरे के प्रेरणा स्रोत बने और एक शैलीबद्ध तराके से अपना शानदार कैरियर बनाया और दूसरों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है.

विनम्र भाव से अपने भाई योगेश के बारे में बात करते हुए माधवी कहती हैं, " मेरे भाई ने मुझे सफलता के लिए निर्देशित किया; उसने इस परीक्षा के प्रत्येक चरण पर मेरा मार्गदर्शन किया और सफलता की राह दिखाई.

लोकेश ने अपने शब्दों में माधवी की बातों को प्रतिबिंबित किया और बताया कि माधवी के पास वैकल्पिक विषय अर्थशास्त्र था,  फिर भी सफल रही. मैं तो एक कदम आगे बढ़ा और वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र का चयन किया जो कि मेरे बड़े भाई योगेश का भी वैकल्पिक विषय रहा था.

चाहे वह माधवी हो, लोकेश या क्षमा की सफलता की कहानी, उनमें से हर एक जुनून, श्रद्धा, विश्वास और रोशनी को दर्शाता है जिसने उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद की.

मुझे पूरी उम्मीद है कि इस परिवार ने जो उदाहरण दिया है, वह कई युवाओं को प्रोत्साहित करेगा जो सिविल सेवा परीक्षा में प्रवेश की योजना बना रहे हैं.

यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि परिवार में एक सफलता कैसे परिवार के सभी सदस्यों के लिए कैरियर के प्रक्षेपवक्र को बदलती है और उन्हें उच्च प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है.

Yogesh-Mishra-UPSC-Topper-CSE-2013

योगेश की सफलता ने क्षमा, माधवी और लोकेश पर जादुई छाप छोड़ी कि वे शिखर को छू सकते हैं और उन्होंने यह कर भी दिखाया.

एक शानदार मिसाल; निसंदेह वास्तव में यह एक गर्व का क्षण है.

अनंत शुभकामनाएं!

Last Update Saturday 22nd June 2019     

Read All

Write Comments

About Us

IASPASSION is all about success in Civil Services Examination. With an eye on coveted Indian Administrative Service aspiring youngsters chase their dreams and give their best to achieve success.
We are passionately working on making their journey uncomplicated and enjoyable and our mission is to dispel the myths and wrong notions that surround this big examination.
It is our continuous endeavor to bring in relevant information and inspiring stories that instill confidence and help you persevere as it is a fierce competition that sometimes requires just sticking to the GOAL.

 

The content on this site is IPR property of IASPassion.com and any reproduction of the same, in part or as a whole, will call for legal action under copyright act.

© IASPassion 20018 ---- 2019

IASPassion.com ...Career