IAS 2020: अपने सभी प्रयासों को लक्ष्य पर केंद्रित करें, और सर्वश्रेष्ठ परीणाम की आशा करें

कई बार यह देखा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा से लगभग एक वर्ष पहले तैयारी शुरू करने वाले उम्मीदवारों को इस परीक्षा की तैयारी संभालना आसान लगता है.

हाल के बदलावों के बाद भी, गंभीर तैयारी करने के लिये यह न्यूनतम अवधि आवश्यक है.

हालांकि, दीर्घकालिक योजना आदर्श रूप से 10 + 2 स्तर पर शुरू हो जानी चाहिए.

कुछ उम्मीदवार जो गंभीर हैं और उचित रूप से निर्देशित होते हैं, आमतौर पर स्नातक स्तर पर उन विषयों का चयन करते हैं जो उनके भविष्य के जीवन और कैरियर योजनाओं में उनकी मदद कर सकते हैं.

और जब प्रश्न सिविल सेवा परीक्षा में वैकल्पिक विषय चयन का हो तो वीरयता क्रम में रहता है अपना विषय सर्वोपरि.

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आज, युवाओं के लिए पहली प्राथमिकता अपनी राह में आ रहे कैरियर के अवसरों में से सर्वश्रेष्ठ तलाशना रहती है और वे हमेशा एक संतोषजनक कैरियर की तलाश करते हैं जिससे अपने सपनों और इच्छाओं की पूर्ति हो सके.

शिक्षित और महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए 'सिविल सेवा' शीर्ष-मन कैरियर है जिसे वे प्राप्त करने का लक्ष्य बना तैयारी की योजना बनाते हैं.

कुछ भाग्यशाली युवाओं के लिए, कैरियर की शुरूआत ही 'सिविल सेवा' में एक बढ़िया परिणाम के अवसर के साथ हो जाती है तो कई युवाओं के लिए यह एक कैरियर प्रगति का हिस्सा होती है.

हर वर्ष लाखों युवा सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लक्ष्य के साथ अपना प्रयास शुरू करते हैं और इसे पहले प्रयास में ही क्रैक करने का उद्देश्य रखते हैं.

"किसी भी उद्देश्य का पूरा होना ही सफलता है" हाल के महीनों में आपने सिविल सेवा परीक्षा 2018 में सफल उम्मीदवारों के बारे में पढ़ा है और आपके सामने सफलता की कई कहानियाँ सामने आई होंगी.

'कर्म' में विश्वास करें

गौरव अग्रवाल (रैंक 1; सिविल सेवा परीक्षा 2013) के शब्द "आपको परिणाम नहीं देखना चाहिए; 'कर्म' में विश्वास करो; अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, अपना सर्वश्रेष्ठ दें और सर्वश्रेष्ठ के लिए आशा करें" जो सिविल सेवा परीक्षा तैयारी के बारे में सच हैं और प्रासंगिक भी.

निसंदेह इस प्रकार के आशावादी कथन आपको उच्च प्रयास हेतु प्रेरित करते हैं.

सिविल सेवा परीक्षा एक खुली प्रतियोगिता है और आपका सापेक्षिक प्रदर्शन आपकी सफलता निर्धारित करता है.

यह ऐसा प्रयास है जिसके लिए एक गंभीर योजना, सही दिशा और धैर्य के साथ कड़ी मेहनत की आवश्यकता है.

प्रयास तो हर कोई करने की कोशिश करता है; लेकिन, आप कैसी तैयार करते हैं, कितना अभ्यास करते हैं और फिर स्तरीय प्रदर्शन कर पाते हैं या नहीं यह सब आपके अंतिम परिणाम का निर्धारण करते हैं.

प्रतियोगिता कठोर हो रही है और परीक्षा अधिक चुनौतीपूर्ण; आप अपनी तैयारी की रणनीतियों को रेखांकित करें जो आपको शीर्ष पर ले जा सकें.

स्मार्ट-वर्क के साथ आप जितनी अच्छी कोशिश कर सकते हैं करें और दूसरे उम्मीदवारों पर प्रतिस्पर्धात्मक-बढ़त हासिल करने का प्रयास करें, जो अंततः मेरिट-लिस्ट में आपकी जगह निर्धारित करता है.

कब और कैसे तैयारी शुरू करें

कई बार यह देखा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा से लगभग एक वर्ष पहले तैयारी शुरू करने वाले उम्मीदवारों को इस परीक्षा की तैयारी संभालना आसान लगता है.

हाल के बदलावों के बाद भी, गंभीर तैयारी करने के लिये यह न्यूनतम अवधि आवश्यक है.

हालांकि, दीर्घकालिक योजना आदर्श रूप से 10 + 2 स्तर पर शुरू हो जानी चाहिए. कुछ उम्मीदवार जो गंभीर हैं और उचित रूप से निर्देशित होते हैं, आमतौर पर स्नातक स्तर पर उन विषयों का चयन करते हैं जो उनके भविष्य के जीवन और कैरियर योजनाओं में उनकी मदद कर सकते हैं. और जब प्रश्न सिविल सेवा परीक्षा में वैकल्पिक विषय चयन का हो तो वीरयता क्रम में अपना विषय सर्वोपरि.

यह आपके स्वयं की क्षमता और स्थितियों के अनुरूप ढ़लने की तेजता पर भी निर्भर करता है.

सफल उम्मीदवारों के कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा से छह महीने पहले इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर उच्च परिणाम दिये.

शुरुआती मनोस्थिति ऐसी होती है कि तैयारी के लिए जितना संभव हो उतने लोगों से विचार प्राप्त कर, उनके अनुभवों को समझना महत्वपूर्ण है.

आज, सिविल सेवा परीक्षा संबंधी सलाह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. विशेषज्ञों के अलावा बहुत से सफल उम्मीदवार अपने विचार और अनुभव साझा करते हैं जो भविष्य के उम्मीदवारों को तैयारी योजना बनाने के लिए कुछ सुराग लेने में मदद करते हैं.

सीखना, ज्ञान प्राप्त करना और जागरूकता पर अपनी सफलता का निर्माण करें

जो कुछ भी आप पढ़ते हैं, उसे केवल परीक्षा के किसी स्तर, प्रश्न-पत्र विशेष के दृष्टिकोण से न पढ़ें; यदि आप ऐसा करते हैं, संभावना है कि यह काम नहीं कर सके.

आपको विषयों, विषयों के भीतर या अन्य विषयों मेंअंतर-संबंधों के बारे में समझ और स्पष्टता विकसित करने की आवश्यकता है.

संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) एक आविष्कारशील रुख अपनाये है और चाहे वह प्रारम्भिक परीक्षा हो  या मुख्य परीक्षा, प्रश्नों में दिख रही रचनात्मकता आपको आश्चर्यचकित कर सकती है. जब आप परीक्षा कक्ष में विभिन्न परिप्रेक्ष्य से प्रश्नों का सामना करते हैं उस समय आपका ज्ञान का स्तर ऐसा हो कि विषयों के बाहर-भीतर चहुतरफा ज्ञान होना चाहिए.

शुरुआत में, आत्म-मूल्यांकन आवश्यक है; अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देकर अपनी गतिविधियों की योजना बनाएं और अपनी शक्तियों और कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार करें.

सबसे महत्वपूर्ण कारक समय का उचित उपयोग करें और हमेशा उन संभावनाओं को देखें जो आपको अपने तैयारी स्तर को ऊपर उठाने में मदद कर सकती हैं.

और यदि आप तैयारी के अपने तरीके को अच्छी तरह से ट्यून करते हैं, तो केसी भी कठिन परिस्थिति हो, आप आवश्यकताओं का समायोजन कर आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करेंगे और संभावना है कि आप विजेता के रूप में बाहर आएंगे.

सफलता की अग्रिम शुभकामनाएं !

 

Last Update Thursday 6th June 2019     

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