हार ना मानने की अभिवृत्ति, कुछ अच्छा और बड़ा करने के हौसले ने मेरी सफलता में दिया महत्वपूर्ण योगदान - लखन सिंह यादव (रैंक 565, सिविल सेवा परीक्षा 2017 - हिंदी माध्यम से सफल)

लखन सिंह यादव ने अपने दृणविश्वास और मेहनत के साथ तैयारी में निरन्तरता बनाये रख अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है और सिविल सेवा परीक्षा 2017 में शानदार सफलता अर्जित की है. अपनी तैयारी की रणनीतियों को सांझा करते हुए लखन ने तैयारी से जुड़े कई पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किये जिनका लाभ आप अपनी तैयारी की रणनीति बनाने में ले सकते हैं.

वैकल्पिक विषय: राजनीतिक विज्ञान एवम अंतरराष्ट्रीय संबंध

प्रयासों की संख्या: 4 (चार)

 By:     

लखन सिंह यादव

रैंक 565, सिविल सेवा परीक्षा 2017

माध्यम

परीक्षा लेखन माध्यम - हिंदी

साक्षात्कार हेतु माध्यम - हिंदी

 

सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति

सिविल सेवा परीक्षा की अप्रत्याशित प्रकृति को ध्यान में रखते हुए आपको हर विषय से संबंधित आधारभूत जानकारी को अच्छे से जानना जरूरी है. तैयारी शुरू करने वालों के लिए NCERT पढ़ना बहुत आवश्यक है. और वह भी एक बार नही 2 या 3 बार. बल्कि उतनी बार जब तक उनके बेसिक्स एकदम अच्छी तरह से ना हो जाएं.

नींव मजबूत हो तभी भवन मजबूत बन सकता है अन्यथा नही.

इसके बाद जब से तैयारी शुरू हो तब से कोई एक अच्छा अखबार और एक अच्छी मासिक पत्रिका जरूर पढ़नी चाहिए.

अभ्यर्थी को मॉक टेस्ट भी समय समय पर देने चाहिए. 

प्रारम्भिक परीक्षा के बारे में विचार

प्रारंभिक परीक्षा पार करना वास्तव में बहुत बड़ी चुनौती है. एक ऐसी लड़ाई है जिसमे जीत पर कुछ नही मिलता हार जाने पर सब खो जाता है. कोई गारंटी नही है के ज्ञान अच्छा है तो प्रारंभिक परीक्षा पास हो ही जाएगी.

2015 में मैं 0.66 अंक से फेल हो गया; हालांकि, मैंने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया परंतु मैं अब भी प्रारंभिक परीक्षा से डरता हूँ.

लेकिन सही तैयारी और ढेर सारे टेस्ट पेपर करने से सारे डर डोर किये जा सकते हैं.

वैकल्पिक विषय का महत्व

वैकल्पिक विषय का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जहां सामान्य अध्ययन में औसत 100 अंक का है वहीं चयन के लिए वैकल्पिक विषय में औसत 150 अंक का है. अगर आप सूची को ठीक से देखेंगे और टॉप करने वाले अभ्यर्थियों का वैकल्पिक विषय का स्कोर 300 से ऊपर होता है.

सामान्य अध्ययन में उतना अंतर नही बनाया जा सकता जितना वैकल्पिक विषय में बनाया जा सकता है. इसलिए यह वास्तव में सफलता की कुंजी है.

वैकल्पिक विषय के चयन में सबसे ज्यादा ध्यान अपनी रुचि के विषय का रखना चाहिए. इसके अलावा उसका सिलेबस, उससे संबंधित अध्ययन सामग्री, कोई अच्छा अध्यापक या कोचिंग, हाल के वर्षों में उससे होने वाले चयन और उस विषय का औसत प्रदर्शन आदि बातों का ध्यान रखना चाहिए.

सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रुचि का होना है. 

सामान्य अध्ययन के विभिन्न प्रश्न-पत्रों का प्रबंधन

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 1 ही एक ऐसा पेपर है जिसमे बेसिक्स आते हैं. लेकिन वहां भी प्रश्नों को अक्सर हाल की किसी घटना से संबंध बनाकर पूछा जाने लगा है.

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 2 और सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 3 का ज्यादातर भाग समसामयिकी से होता है और न्यूज़पेपर से ही आता है.

आपदा प्रबंधन, सायबर सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा इत्यादि से संबंधित प्रश्न भी करंट से ही जोड़कर पूछे जाते हैं.

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 4 ऐसा पेपर है जिसकी तैयारी अगर ठीक से की जाए हैं बहुत अच्छे अंक लाये जा सकता हैं. और इस पेपर में अंक बिना तैयारी किये भी लाये जा सकते हैं. इस पेपर की प्रकृति ऐसी है कि अगर सामान्य ही उत्तर लिखे जाएं और पूरा पेपर अटेम्प्ट किया जाए तो तैयारी में समय खपाने की जरूरत नही पड़ेगी.

निबन्ध प्रश्न-पत्र

मैंने निबन्ध की तैयारी अलग से नही की. पिछले वर्ष मुझे निबन्ध में 137 अंक मिले थे इसलिये मैं आश्वस्त था कि मैं इस संख्या को 150 अंक तक ले जा सकता हूँ.

निबन्ध लेखन में सबसे महत्वपूर्ण कदम सही विषय चयन होता है और पिछले कुछ वर्षों में पूछें जा रहे टॉपिक्स में मेरे वैकल्पिक विषय राजनीतिक विज्ञान से संबंधित कई विषय देख मेरा आत्मविश्वास और बढ़ गया.

निबन्ध टॉपिक 1 - “ क्या गुटनिरपेक्ष आंदोलन बहुध्रुवीय विश्व में अपनी प्रासंगिकता खो बैठा है?”

निबन्ध टॉपिक 2 - “भारत में नए युग की नारी की पररपूर्णता एक मिथक है”

साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)

साक्षात्कार में आपकी सही तैयारी आत्मविश्वास भर देती है और इसके लिए मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है.

प्रायः ज्यादातर प्रश्न DAF पर आधारित रहते हैं जो साधारण एवं स्वाभाविक होते हैं. यदि DAF से संबंधित पक्षों पर स्पष्टता हो तो इन शुरूआती प्रश्नों को भलिभांति उत्तर कर आप अपने साक्षात्कार की दिशा तय कर सकते है.

लय बन जाए तो आप ऐसी स्थिति में आ सकते है जहाँ हन खुद अपने साक्षात्कार को लीड कर सकते है. मेरे कई प्रश्नों के उत्तर कुछ इसप्रकार रहे कि बोर्ड के अगले आशातित प्रश्नों के लिए मैं पहले से ही तैयार था.

मेरा साक्षात्कार श्री अरविंद सक्सेना जी के बोर्ड में था 11 अप्रैल 2018 को रहा.

निबन्ध और साक्षात्कार में प्राप्तांकों का परिणाम पर असर

मेरी सफलता में निबंध और साक्षात्कार का अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान रहा। मैंने निबंध में 150+ अंकों का अनुमान लगाया था और मुझे 150 ही अंक प्राप्त हुए.

हालांकि मुझे साक्षात्कार में ज्यादा अंकों की उम्मीद थी लेकिन मुझे 171 अंक मिले जो मेरे बोर्ड की कस कर अंक देने की प्रकृति को देखकर अच्छे माने जाते हैं और इसी कारण में सही रैंक प्राप्त कर पाया.

 

Last Update Thursday 2nd August 2018     

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