4 मिथक जो मुख्य परीक्षा में आपकी सफलता की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं

जैसे ही आप तैयारी शुरू करते हैं, आपका तत्काल लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा होता है; लेकिन, गम्भीर उम्मीदवारों को इसके साथ ही सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा भी ध्यान में रहती है. आपको तैयारी के दौरान इसके प्रति सतर्कता के साथ-साथ जिस तरीके से इसे संभालना है, उसके बारे में सचेत रहना आवश्यक होगा.

इस परीक्षा में कई नए उम्मीदवारों ने प्रयास शुरू किए होंगे और हजारों ऐसे असफल उम्मीदवार भी होंगे जिन्होने पिछले प्रयास में निराशा का सामना किया था. विशेष रूप से, ये उम्मीदवार केवल उन चीजों की ओर देखते हैं जो पिछले प्रयास में उनके पक्ष में काम नहीं कर पायी थीं.

सामान्य रूप से, कई उम्मीदवारों – सफल, साथ ही साथ जो लोग इतने भाग्यशाली नहीं थे, के साथ बातचीत करते समय मैंने पाया कि क्षमता और ध्यान के बावजूद, चार मिथक प्रमुख हैं जो कभी-कभी मुख्य परीक्षा स्तर पर संभावनाओं को बाधित करते हैं.

चूंकि आप सिविल सेवा परीक्षा में बड़ी सफलता का लक्ष्य रख रहे हैं, बस इन पर नजर बनाये रखें.

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सिविल सेवा परीक्षा की रणभूमि तैयार होने के साथ, आप भी अपनी तैयारी पर कड़ी मेहनत कर रहे होंगे.

तैयारी के लिए 'एकीकृत दृष्टिकोण' वास्तव में कारगर है और उम्मीद है कि अभी आप मुख्य परीक्षा उन्मुख तैयारी में संलग्न होंगे.

जब परीक्षा नज़दीक है तो यह उन चीजों पर नजर रखने का समय है जो सफलता का कारक बनती हैं और क्या नहीं.

जैसा कि आपका लक्ष्य उच्च निष्पादन तथा वांछित सफलता प्राप्त करना है, मुख्य परीक्षा के बारे में इन चार (4) अवलोकनों के बारे में सावधान रहें:

मिथक 1:

सामान्य अध्ययन के चार प्रश्न-पत्रों में अंक प्राप्त करना मुश्किल है

यह आपकी एक सोच मात्र है कि सामान्य अध्ययन में उच्च स्कोर की संभावनायें बाधित है.

चूंकि सिविल सेवा परीक्षा 2013 में मुख्य परीक्षा पैटर्न बदल गया था, शुरू में हमें सामान्य अध्ययन में कम स्कोर दिखा. लेकिन, जैसा कि विदित हैं, प्रत्येक बीतते वर्ष के साथ स्कोरिंग पैटर्न में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और सिविल सेवा परीक्षा 2016 में हमने सामान्य अध्ययन में 400+ अंक देखे. इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा 2017 परिणाम प्रवृत्ति में प्राप्तांकों में काफी सुधार दिख रहा है और यह स्पष्ट रूप से कट ऑफ को प्रभावित कर रहा है.

रवि आनंद (रैंक 79; सिविल सेवा परीक्षा 2017) के प्राप्तांक देखें, जिन्होंने सामान्य अध्ययन सामान्य अध्ययन में 1000 में से 504 अंक प्राप्त किए. उनके सामान्य अध्ययन प्राप्तांक उनकी शीर्ष रैंक सफलता में महत्वपूर्ण एवं निर्णायक भूमिका में रहे क्योंकि साक्षात्कार में उन्हें केवल 124 अंक ही प्राप्त हुए.

संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) के इरादे स्पष्ट हैं जो अधिसूचना में वर्णित भी किए गए हैं कि वे ऐसे उम्मीदवारों के चयन के लिए उपयुक्त मानते हैं जिनकी सोच 'सामान्यवादी' हैं 'विशेषज्ञ' नहीं.

सामान्य जागरुकता और समकालीन मुद्दों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी और स्पष्ट समझ से आप मुख्य परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकने में मददगार सिद्ध होती है.

इसे प्रबंधित करना मुश्किल नहीं है क्योंकि उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आपको तैयारी योजना को ठीक करने के लिए अभी भी आपके पास पर्याप्त समय है.

मिथक 2:

सामान्य अध्ययन की तैयारी करना महत्वपूर्ण है; वैकल्पिक विषय इतने महत्वपूर्ण नहीं है

इस तथ्य से पूर्णतः सहमत हूँ कि सामान्य अध्ययन का अधिकतम योगदान है; लेकिन, वैकल्पिक विषय को अनदेखा करना असुरक्षित हो सकता है.

आपको अपने प्रयास को सुनियोजित ढ़ंग से आगे बढ़ाना है और ध्यान रहे किसी भी प्रश्नपत्र की दिशा में शिथिलता दिखाने का मतलब रिस्क बड़ा रहे हैं और तदनुसार आपके लिये यह खतरनाक हो सकता है.

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्रों की सरचना से उत्पन्न अनिश्चिता अधिकांश उम्मीदवारों को एक सीमा में छोड़ देती है क्योंकि अपने सबल-पक्ष और कमजोरियां ज्यादातर उम्मीदवारों के हित में या खिलाफ काम करती हैं और केवल कुछ उम्मीदवार ही जो ज़रूरतों को समझते हैं, सामान्य अध्ययन में बहुत अधिक अंक प्राप्त करने में सक्षम हैं.

इसके विपरीत, थोड़ा अनुमानित वैकल्पिक विषय आपको उच्च अंक प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है और जैसा कि देखा गया है, वैकल्पिक विषय के प्राप्तांक अंतिम सफलता में और यहां तक ​​कि उच्च रैंक प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

वर्तमान सेट-अप में, वैकल्पिक प्रयास के साथ उचित प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है जो आपके प्रयास को जीवंत बना देता है.

अनुभव सिंह (रैंक 8; सिविल सेवा परीक्षा 2017) के वैकल्पिक विषय में प्राप्तांक पर एक नज़र (गणित - 500 में से 375) उनके एकल अंक रैंक प्राप्त करने में वैकल्पिक विषय के उच्च अंक के प्रभाव को दर्शा रही है.

ऐसा नहीं कि केवल इंजीनियर ही ऐसे उच्च अंक प्राप्त कर पा रहे हैं, कई उम्मीदवारों ने इस बार वैकल्पिक विषय में 300 से अधिक अंक प्राप्त किये हैं जो सामान्य उम्मीदवारों के प्राप्तांक से ऊपर हैं.

मिथक 3:

सामान्य अध्ययन पाठ्यक्रम के इस तरह के एक विशाल कवरेज के साथ, विशेष रूप से निबंध तैयार करने के लिए समय संरक्षित करने की कोई आवश्यकता नहीं है

गौरव कुमार (रैंक 34; सिविल सेवा परीक्षा 2017) ने निबंध प्रश्न-पत्र में 166 अंक प्राप्त किये, जिसके फलस्वरूप अपने वैकल्पिक विषय में औसत प्राप्तांक के बावजूद अपने लिए उच्च रैंक सुरक्षित करने में सफल रहे.

वास्तव में, निबंध वर्तमान सेट-अप में एक खेल-परिवर्तक बन गया है और गौरव कुमार जैसे कई प्रमाण हैं जहां निबंध अंकों ने चयन में और यहां तक ​​कि शीर्ष रैंक प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

निबंध प्रश्न-पत्र में 250 में से 145 अंक उम्मीदवारों के लिए संभव लक्ष्य है जबकि सामान्य अध्ययन के किसी भी पेपर में इस स्तर तक पहुंचना कठिन है और इस कसौटी पर वैकल्पिक विषय में पहुँचना इतना आसान नहीं.

जब आपका लक्ष्य मुख्य परीक्षा है, तो निबंध प्रश्न-पत्र आपको मुख्य परीक्षा में वह शुरूआत दे सकता है जो आत्मविश्वास बढ़ाता है और दूसरे उम्मीदवारों पर बढ़त हासिल करने में मदद कर सकता है.

मिथक 4:

मुख्य परीक्षा स्तर पर, यह आपकी प्रस्तुति शैली है जो सबसे अधिक मायने रखती है

मुझे लगता है कि यह सबसे बड़ा मिथक है जिससे उम्मीदवारों को यू.पी.एस.सी. परीक्षकों के बुद्धिमत्ता के रुख का सामना करना पड़ा है.

परीक्षक इस परीक्षा के साथ आपकी बुद्धि, ज्ञान, जागरूकता और विषय-विशेष से परिचितता का आकलन करने के लिए तत्पर है और एक पैनी नज़र इस पर है कि आप प्रश्न को कितनी अच्छी तरह समझते हैं और सदैव एक सटीक उत्तर की तलाश करते हैं.

यदि आपको किस विषय-वस्तु की जानकारी और सही समझ नहीं है तो आप इसे प्रभावी ढंग से कैसे पेश कर सकते हैं?

आपकी प्रस्तुति-शैली केवल तभी मायने रखती है जब आपके पास थोड़ी सी जानकारी हो और आप विषय के साथ परिचित हो.

इस तरह के परिदृश्य में, जब आप अपने परिप्रेक्ष्य के साथ उत्तर देते हैं तो आपके लेखन-कौशल के माध्यम से ज्ञान छलकता सामने आता है.

आपका लक्ष्य सिर्फ मुख्य परीक्षा पास करना नहीं वरन् जितना अधिक हो सके उतना उच्च स्कोर करने के लिए हो जो कुछ हद तक अंतिम सफलता सुनिश्चित करता है.

आपको अपने सबल-पक्ष और कमजोरियों की पहचान कर, उस पर आधारित तैयार की केवल एक अच्छी रणनीति निर्मित करनी है.

तो, तैयारी में तत्पर व सक्रिय रहें और शुरुआत में ही मुख्य परीक्षा के लिए एक विशिष्ट योजना तैयार करें. तैयारी में निरंतरता बनायें और स्थिरता बनाए रखकर इसका पालन करें, कुछ भाग्य का साथ मिला तो यह आपके पक्ष में काम करेगा.

Last Update Thursday 15th November 2018     

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