मैने कभी IAS बनने के बारे में सोचा तक नहीं था; बस कदम बढ़ाता गया, मंज़िले मिलती गईं - लखन सिंह यादव (सिविल सेवा परीक्षा 2017 में हिंदी माध्यम से सफल)

लखन सिंह यादव (रेंक 565, सिविल सेवा परीक्षा 2017) ने अपने चौथे प्रयास में यह शानदार सफलता प्राप्त की है. उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीतिक विज्ञान एवम् अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय का चयन किया.

इस लक्ष्य तक पहुँचने की राह कठिन है और परिणाम अनिश्चित. इस तथ्य को समझते हुए लखन ने अपने लिये कैरियर विकल्प हेतु सिविल सेवा परीक्षा के साथ-साथ विभिन्न स्तर पर कई परीक्षाओं में भाग लिया और एक के बाद एक कदम बढ़ाते हुए कई परीक्षाओं में सफलता भी प्राप्त करते गए और अंततः एक ऐसी सफलता प्राप्त की जिसके बारे में पहले वह सोचने से भी डरते थे.

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अलवर, राजस्थान के लखन सिंह यादव (रेंक 565, सिविल सेवा परीक्षा 2017) ने परीश्रम, लगन और धैर्य की एक उत्कृष्ट मिसाल कायम की है और सिविल सेवा परीक्षा 2017 में एक बड़ी सफलता के साथ सामान्य पृष्ठभूमि और हालातों से जुझते आज के युवाओं के लिए आशा की किरण बन कर उभरे है.

कालेज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलोजी, बीकानेर से सिविल इंजीनियरिंग कर लखन ने जब अपने कैरियर के बारे में मन बनाना शुरू किया तो सिविल सेवाओं के बारे में सोचा ज़रूर, पर अपनी औसत अकादमिक पृष्ठभूमि के कारण थोड़ा संशय भी रहा. 

सपने बड़े, पर कद छोटा

चन्द शब्दों में लखन अपनी कैरियर यात्रा का सार कह ड़ालते हैं. आकादमिक उपलब्धियों के नाम पर बस किसी तरह नईया किनारे लग ही गई. अपने हालातों का जिक्र करते हुए लखन ने बताया, “यदि मैं पीछे मुड़ कर देखूँ तो ग्रेजुएशन में मेरा प्रदर्शन औसत, नहीं सही कहूँ, तो बहुत खराब था. केवल 59 प्रतिशत से इंजीनियरिंग की और वह भी 4 वर्ष का कोर्स 6 वर्ष में पूरा कर पाया.

ऐसे में मैने कभी IAS बनने के बारे में सोचा तक नहीं था. इतनी बड़ी परीक्षा को पास करने का सोचना तो दूर इसमें शामिल होने का निर्णय मेरे लिये बहुत हिम्मत का काम रहा. मेरा लक्ष्य तो बस RPSC परीक्षा पास करके RAS/RPS बनने का था. अब इसे सौभाग्य ही कहूँगा कि RPSC की लेट-लतीफी से तंग आकर मैंने UPSC की तैयारी करने का निर्णय लिया.

शुरूआत में तो मैं किसी को बता भी नही सकता था कि मैं IAS बनना चाहता हूँ और सिविल सेवा परीक्षा का फॉर्म भी भर रहा हूँ.

परन्तु, हार ना मानने की अभिवृत्ति और कुछ अच्छा और बड़ा करने के हौसले ने लखन को सिविल सेवा परीक्षा 2017 की अंततः सफलता प्राप्त करने में में महत्वपूर्ण योगदान दिया. जैसे-जैसे आगे बढ़ा, बाद में सभी चीज़ें बदल गयी और थोड़ा समय ज़रूर लगा पर मैं अंततः आखिरी लिस्ट में आ पाया.

सिविल सेवा में ही कैरियर, क्यों ? इस बारे में लखन ने कहा, “ये ऐसी सेवाएं हैं जो व्यक्ति के जीवन से जुड़े हर क्षेत्र को छूती हैं. जहां प्रत्यक्ष रूप से किसी की मदद की जा सकती है. मैं मानता हूँ कि इन सेवाओं में करने को इतना सब है कि 34-35 वर्ष की सेवा में शायद व्यक्ति हर बार नए नए अनुभव से गुजरता है. और जब भी मैं क्या, किसी भी युवा का सरकारी सेवा में जाने का विचार मन में आता है तो सबसे पहले यही आता है कि IAS/IPS से बेहतर क्या हो सकता है”

परिवार का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनके योगदान के बारे में बताते हुए लखन ने कहा, “मेरे पिताजी श्री मानसिंह यादव (Assistant Block Elementary Education Officer) और माँ श्रीमती दुलारी देवी ग्रहणी हैं. दो बहने हैं सुमन यादव, एकता यादव और भाई प्रधुम्न सिंह यादव (IIT KANPUR) में है.

मेरी सफलता में मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. मुझे लंबे समय के संधर्ष के बाद सिविल सेवा परीक्षा में आशातीत सफलता मिली, तब तक परिवार का सदैव मुझ पर भरोसा और हर विफलता पर मिला उनका पूर्ण समर्थन. सभी के प्यार के कारण ही मैं ये कर पाया अन्यथा संभव नही था. 

यह ड़गर नहीं रही आसान

कैरियर के लिये लक्ष्य स्थापित करने में तो ज्यादा कठिनाई नहीं रही परन्तु इस तक पहुँचने की राह आसानी से नहीं मिली. लखन ने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण और धैर्य के साथ अपने प्रयास तो जारी रखे, साथ ही अपने लिये कैरियर विकल्प हेतु विभिन्न स्तर पर कई परीक्षाओं में शामिल हुए और एक के बाद एक कदम बढ़ाते हुए कई सफलताएँ भी प्राप्त करते गए.

पिछले चयनों पर एक नज़र ड़ालें तो लखन की अपने कैरियर उत्थान के प्रति लगन स्पष्ट झलकती है. JUNIOR ENGINEER (SSC), INTELLIGENCE BUREAU (ACIO), JUNIOR ENGINEER (RVPNL), INSPECTOR INCOME TAX, RPSC RAS 2013 (RANK 274), RPSC RAS 2016 (RANK 572) और अततः सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफलता.

मैंने सबसे पहले राजस्थान विद्युत में जूनियर इंजीनियर के पद पर काम किया, उसके बाद ssc की परीक्षा दी और अभी इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हूँ.

इसके अलावा मैंने 2 बार राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक परीक्षा पास की परन्तु अच्छी रैंक ना ला पाने के कारण उन्हें जॉइन नही किया.

इसलिए आई.ए.एस. की परीक्षा तक आने में मुझे इस कारण ही इतना समय लगा. शायद मैं इस बड़े स्तर की परीक्षा से डरता था.Lakhan Singh Yadav 565th Rank CSE 2017 UPSC

जब मैने यह जानना चाहा कि तैयारी-योजना पर सही सलाह कहां से मिली तो सादगी भरे अंदाज़ में लखन ने कहा, “सर्, ये मेरा दुर्भाग्य ही रहा कि मेरे जीवन में सिविल सेवा क्षेत्र से संबंधित कोई अनुभवी व्यक्ति नही रहा जो मुझे सही समय पर सही सलाह दे.

अपनी समझ के अनुरूप मैंने खान स्टडी ग्रुप, जयपुर से कोचिंग की और अपनी तैयारी का एक आधार तैयार किया. फिर, राजेश मिश्र सर का वैकल्पिक विषय राजनीतिक विज्ञान एवम अंतरराष्ट्रीय संबंध में महत्वपूर्ण योगदान मिला. साथ ही कुछ मदद मैंने शुभ्रा रंजन मैम के नोट्स से भी ली.

इसके अलावा मैंने अपनी गलतियों से ही सीख ली.

भविष्य में सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले हिन्दी माध्यम के उम्मीदवारों को प्रेरित करने हेतु लखन का संदेश - औसत मेहनत करने से औसत परिणाम ही मिलेंगे.

कुछ बड़ा करना है तो बड़ी मेहनत से नही डरना है

और विफलता से तो बिल्कुल भी नही डरना है.

जब तक तोड़ेंगे नही, छोड़ेंगे नही"

इस अभिवृत्ति के साथ तैयारी करें. आप सभी को शुभकामनाएं.

Last Update Thursday 18th July 2019     

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