"लक्ष्य को पूरा करने के लिए; एक सुदृण योजना बनाएं, इसके बारे में भावुक रहें और कड़ी मेहनत करें" सचिन गुप्ता (रेंक 3; सी.एस.ई. 2017)

(“To accomplish Goal; make a plan, remain passionate about it and work harder”, Says Sachin Gupta (AIR 3; CSE 2017))

थापर विश्वविद्यालय, पटियाला के एक मैकेनिकल इंजीनियर सचिन गुप्ता ने अपने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2017 में शानदार सफलता प्राप्त की है.

उन्होंने यह सफलता वैकल्पिक विषय के रूप में मानव विज्ञान के साथ हासिल की है.


 By:      On Sunday 20th May 2018           Read In English

सचिन गुप्ता (रेंक 3; सी.एस.ई. 2017) के लिए शुरू से एक 'सिविल सेवक' बनने का सपना रहा था और यही कारण है कि उन्होंने जीवन के इस तरीके में हमेशा विश्वास किया क्योंकि सचिन का मानना है कि "हम वह परिवर्तन बनें जो हम सभी समाज में देखना चाहते हैं."

बी. टेक. के बाद, सचिन ने 'सिविल सर्विसेज' में करियर बनाने का फैसला करने से पहले गुड़गांव में निजी क्षेत्र के उद्यम के साथ एक संक्षिप्त कार्यकाल किया था.

सचिन ने बताया, " सिविल सेवा परीक्षा में अपने प्रयास के बारे में निर्णय लेने के बाद, मैंने अपने दोस्तों, माता-पिता के साथ तथा शिक्षकों के साथ चर्चा की जिससे इस रास्ते को तय करने की रणनीति बनाने में मदद की. इसके अलावा, आज के समय में इंटरनेट पर हमारे पास कई अच्छी वेबसाइटें हैं जो परीक्षा संबंधी प्रारंभिक संदेहों का उत्तर देने में मदद करती हैं.

पहले प्रयास में इसे पार करने के उद्देश्य से सचिन ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की; प्रीलिम्स को पार कर मुख्य परीक्षा में शामिल हुआ, परन्तु असफल रहा.

अपने प्रयास के बारे में ईमानदारी से सचिन ने कहा, " जैसा कि आमतौर पर होता है शुरूआत में अधिकांश उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा को पास करने के लिए केवल एक वर्ष की रणनीति के साथ यहां आते हैं; लेकिन, कभी-कभी चीजें जिस तरह से हम कामना करते थे वास्तव में वैसे होती नहीं हैं इस कारण हमें और प्रयास करने पढ़ते हैं."सचिन गुप्ता (रेंक 3; सी.एस.ई. 2017)

अपने विश्वास पर भरोसा रख आगे बढ़ते हुए अपने प्रयासों के बारे में बताते हुए सचिन ने कहा, "मैंने अपने पहले प्रयास में केवल 12 अंक से इंटरव्यू कॉल से रह गया. दूसरे प्रयास में, मैं सफल हुआ और 575 वां रैंक प्राप्त किया और इस तीसरे प्रयास में, मैं योग्यता सूची में तीसरे स्थान पर हूं.

मेरी असफलताओं ने मुझे आत्मनिरीक्षण करना सिखाया और आत्म-विश्लेषण के साथ ताकत और कमजोरियों को पहचानना सीखा. इससे न केवल सिविल सेवा परीक्षा को पार करने में मदद मिली है; साथ ही, एक बेहतर इंसान बनने में भी."

उन्होंने अपनी वांच्छित सफलता तीसरे प्रयास में प्राप्त करने पर टिप्पणी करते हुए कहा, "सबसे अच्छी बात यह है कि मैंने जीवन के एक सकारात्मक पहलू को सीखा – एक ज़ुनून के साथ अपने सपनों का पीछा करने से अंततः आपको वांछित सफलता मिल ही जाती है."

जीवन में कई महान विभूतियों, व्यक्तित्वों जैसे महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, सचिन तेंदुलकर, ई श्रेधरन के रूप में कई प्रेरणा स्रोत्रों ने सचिन को प्रभावित किया. इससे सचिन का लक्ष्य स्पष्ट दिखा और उन्होंने स्वीकार किया कि "इस सफलता ने उन्हें जनता के लिए काम करने और देश के विकास के लिए योगदान देने का एक बड़ा मौका दिया है."

Last Update Sunday 20th May 2018

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