सिविल सेवा परीक्षा: उन उम्मीदवारों के लिए जो इस बार सफल नहीं हो सके, यह समय है टॉपर्स से प्रेरणा लेने का

सिविल सेवा परीक्षा 2017 का परिणाम जबकि कुछ के लिए यह उपलब्धि है; परन्तु, कई उम्मीदवारों के लिए, सफलता रहस्य बनी हुई है और एक लड़ाई निरंतर जारी है.

इस परीक्षा का डिजाइन ही ऐसा है कि कई उम्मीदवार, जो सिविल सेवा परीक्षा में शामिल जटिलताओं को समझ नहीं पाते हैं, वे अंतिम सफलता प्राप्त करने से रह जाते हैं जबकि वे वास्तव में सक्षम हैं और मेहनत करने में किसी से कम नहीं.

सिविल सेवा परीक्षा 2017 में हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान प्राप्त अनिरूद्ध और शीर्ष 3 स्थानों पर चयनित उम्मीदवारों की सफलता से कुछ सुराग ले अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त्र करें.

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जब स्थिति मुश्किल होती है, तो आपको इसे स्वीकार करना चाहिए और वास्तविक समाधानों की ओर देखना चाहिए. यह समय है जब आपको थोड़ा संयम दिखा  फिर से कोशिश करने के लिए खुद को रिचार्ज करना का.

इस समय, ऐसे सभी उम्मीदवार अपने अध्ययन पटल पर प्रारंभिक परीक्षा 2018 की तैयारी में डूबे दिख जाएँगे और तीन जून को निर्धारित प्रारंभिक परीक्षा 2018 का सामना करने के लिए सर्वोत्तम प्रयास के लिये तैयार हो रहे होंगे.

पिछले प्रयास में अपनी विफलता के बाद शायद आपमें से कुछ ने किसी प्रकार के नकारात्मक, विनाशकारी संदेशों और मूल्यांकन का सामना किया हो जो आपके सपनों को मारने के लिए पर्याप्त है. लेकिन, इस तरह की सभी नकारात्मक भावनाओं को एक तरफ रख दें और अपने परिवार, दोस्तों, शिक्षकों और शुभचिंतकों की सकारात्मकता और प्रोत्साहन के साथ उन्हें थोड़ा सा बदल दें और वापस पूर्ण उत्साह के साथ प्रारंभिक परीक्षा 2018 का सामना करने को तैयार रहें.

उन लोगों की ओर देखें जो पिछले वर्ष लगभग समान परिस्थिति में रहे और एक समुचित प्रयास के साथ जिन्होंने शानदार वापसी की.

अब आप इनसे कुछ प्रेरणा लें, कुछ सलाह पाने के लिए इनके प्रयास और अनुभव जानें जो आपके अगले प्रयास में सफलता के लिए दरवाजे खोल सकता है.

दूर मत जाओ; सिविल सेवा परीक्षा 2017 में हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान प्राप्त अनिरूद्ध और शीर्ष तीन स्थानों पर चयनित उम्मीदवारों को देखें और आप पायेंगे कि इनकी सफलता आपको कठिन परिश्रम करने के लिए प्रेरित करने के लिए पर्याप्त है.

प्रेरित रहे; सफलता को गले लगाने के लिए ईमानदार प्रयास करें

हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान प्राप्त अनिरूद्ध कुमार (AIR 146; CSE 2017) का यह चौथा प्रयास था और उन्होने सिविल सेवा परीक्षा 2017 में यह सफलता केवल धैर्य और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अर्जित की है.

अपने पहले दो प्रयासों में अनिरूद्ध साक्षात्कार स्तर तक पहुँचे, सफलता से वंचित रह जाने पर भी धैर्य नहीं खोया और नयी ऊर्जा के साथ तैयारी में रणनीतिक परिवर्तन ला अपने चौथे प्रयास में 146वाँ स्थान प्राप्त कर हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है.

डुरिशेट्टी अनुदीप (रेंक 1; सी.एस.ई. 2017) को यह वांछित सफलता प्राप्त करने के लिये 5 प्रयास करने पड़े. फिर, अपने दूसरे प्रयास में अनु कुमारी (रेंक 2; सी.एस.ई. 2017) ने सफलता हासिल की, जबकि सचिन गुप्ता (रेंक 3; सी.एस.ई. 2017) अपने तीसरे प्रयास में गंतव्य तक पहुंचे.

शीर्ष रैंकरों के साथ बातचीत के क्रम में जब मैंने अनुदीप से पूछा कि वह वांछित लक्ष्य को पूरा करने में इतना समय लगा, तो इतने लम्बे समय तक किस चीज़ ने ने उन्हें लक्ष्य की ओर प्रेरित रखा? उन्होंने कहा, "दूसरे प्रयास में मिली सफलता मेरे लिए एक बड़ी प्रेरणा थी, जिसने मुझे उत्तेजित रखा और मुझे एक भावना दी कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं. जब आप मेरी सफलता के रहस्य मुझसे पूछते हैं, तो मुझे अपना 'उद्देश्य' (आई.ए.एस.) हमेशा याद आया और यह अकेले एक ऐसा कारण रहा जिसने मुझे यहाँ तक पहुँचा दिया."

तैयारी शुरू करने के लिए मेरे प्रश्न का उत्तर देते हुए अनुदीप ने कहा, "तैयारी शुरू करने के लिए कोई सही क्षण नहीं है, यह तो आप पर निर्भर करता है कि कब आप आत्मविश्वास महसूस करने लगें और इसतरह की कठोर प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए साहस दिखा सकें. जब भी ऐसे महसूस हो समझ लें आप सिविल सेवा परीक्षा का सामना करने को मानसिक रूप से भी तैयार हैं.

और अनु कुमारी ने जो किया वह अनुदीप के इस दृष्टिकोण की स्पष्ट रूप से अभिव्यक्ति है.

हाथ में एक आकर्षक नौकरी के साथ, शादीशुदा, एक बच्चा होने के बावज़ूद 30 वर्ष की उम्र में अनु ने सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया और तैयारी करने का फैसला किया और लक्ष्य-केन्द्रीत प्रयास और दृण निश्चय के साथ वह अपने दूसरे प्रयास में वह सफल हो गई.

अनु कुमारी के लिए, पहला प्रयास सिर्फ अद्कचरा था क्योंकि वह प्रारंभिक परीक्षा में केवल कुछ हफ्तों की तैयारी के साथ ही भाग ले रही थी. अपनी असफलता से अनु बिलकुल भी विचलित नहीं हुई और अपना प्रयास जारी रखा.

लेकिन, अपने इस प्रयास में अनु ने वांच्छित सफलता को एक मुद्दा बना लिया था और मस्तिष्क में यह स्पष्ट रहा कि इस बार किसी भी त्रुटि के लिए कोई गुंजाइश नहीं है.

सचिन गुप्ता की स्थिति भी कुछ भिन्न नहीं थी. यह उनका तीसरा प्रयास था पर सिविल सेवा परीक्षा की अनिश्चताओं को ध्यान में रखते हुए वह सफलता की आशा तो कर रहे थे पर बहुत शान्त मन से अपने परिणाम का इन्तज़ार कर रहे थे.

जब मैंने सचिन से पूछा कि जब उन्हें परिणाम पता चला तो उन्हें कैसा महसूस हुआ, उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि इस बार परिणाम थोड़ा जल्दी आ रहा है. जब मैं सुबह उठा, मैंने खुद को सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करने के लिए कहा; अभी भी, कोई बड़ी सफलता के बारें में सोचा तक नहीं."

सचिन ने कहा, "जब मुझे तीसरे रेंक पर सफलता का समाचार मिला तो इस सफलता का आनंद कई गुना रहा क्योंकि यह मेरी अपेक्षा से कहीं ज्यादा था."

साहस और दृण निश्चय के साथ, फिर से आगे बढ़ें

सिविल सेवा परीक्षा एक बड़ी परीक्षा है और कठिन भी, यह हम सब भलिभांति जानते हैं. अपने लक्ष्य ‘IAS’ तक पहुँचने का मौका केवल उन उम्मीदवारों को मिलता है जो उच्च रेंक प्राप्त कर पाते हैं.

फिर से नये उत्साह और साहस का परिचय देते हुए अगला प्रयास लें, मज़बूत इरादों के साथ दुबारा मेहनत करें और एक सकारात्मक सोच आपको भी गंतव्य तक ले जाएगी.

एक बार फिर अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और पिछले प्रयास से प्राप्त अनुभव के आधार पर अपनी अध्ययन-योजना को ज़रूरतों के अनुरूप परिवर्तित करें.

कौन जाने, अगले वर्ष सिविल सेवा परीक्षा 2018 में शीर्षस्थ स्थानों पर कब्जा जमाने वाले कहीं आप ही तो नहीं.

सफलता की शुभकामनाओं सहित.

Last Update Thursday 4th April 2019     

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