कठिन परीश्रम और धैर्य से आप अपनी सभी ख्वाहिशें पूरी कर सकते हैं, चाहे ये ख्वाहिशें कितनी बड़ी क्यों न हों – अनिरूद्ध कुमार सिविल सेवा परीक्षा 2017 में हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान

(With Hard Work and Patience, you can fulfill any desire, how-so-ever big it may be - Aniruddh Kumar (Topper with Hindi Medium))

अनिरूद्ध कुमार (AIR 146; CSE 2017) का यह चौथा प्रयास था और उन्होने सिविल सेवा परीक्षा 2017 में यह सफलता वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र के साथ अर्जित की है.

अपने पहले दो प्रयासों में अनिरूद्ध साक्षात्कार स्तर तक पहुँचे, सफलता से वंचित रह जाने पर भी धैर्य नहीं खोया और नयी ऊर्जा के साथ तैयारी में रणनीतिक परिवर्तन ला अपने चौथे प्रयास में 146वाँ स्थान प्राप्त कर हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है.


 By:      On Tuesday 8th May 2018     

यह कहानी है अनिरूद्ध कुमार की जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2017 में हिन्दी माध्यम का परचम लहराने का जिम्मा उठाया है और हिन्दी माध्यम ले सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे लाखों युवाओं के लिये एक आशा की किरण बन कर उभरे हैं.

शुरूआत से ही जुझारू प्रवृति के अनिरूद्ध बिहार के जहानाबाद जिले से तालुक्ख रखते हैं जो उस समय हिंसक तथा नक्सलवादी गतिविधियों से त्रस्त था. साधारण परिवार में जन्मे अनिरूद्ध में तीव्र सम्भावनाओं का शायद माता-पिता को अहसास सा हो गया था इसलिये उनके भविष्य के बारे में सोचते हुए परिवार ने कानपुर शिफ्ट होने का निर्णय लिया पर अनिरूद्ध को कानपुर में ही एक बोर्ड़िग स्कूल में दूसरी कक्षा में दाखिला दिला दिया.

बचपन में जिन आँखों ने आतंक और खौफ देखा और फिर परिवार से अलग रहना सीख ही लिया हो, उस बच्चे में मानसिक बल, दर्द सहने की क्षमता और उसे छुपा चेहरे पर चिर मुस्कुराहट और आगे बढ़ने की लग्न तो आयी, साथ ही मन में ख्वाहिशों का जैसे एक पुलिंदा सा भी एकत्र होने लगा.

अनिरूद्ध शुरू से ही उच्च परिणाम दर्शाते रहे और स्कूल खत्म कर कैरियर की संभावनाओं को ध्यान में रख अनिरूद्ध ने कानपुर से ही HBIT संस्थान से बी.टेक कर इंनर्फोमेशन टेक्नोलोजी की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस के साथ अपने कैरियर की शुरूआत की.

बचपन की कसक, गुज़रते समय के साथ समाज में निम्न वर्ग और ज़रूरमंद लोगो के लिये कुछ कर सकने की तमन्ना और बड़े स्तर पर ऐसे लोगों की समस्याओं को दूर करने की ख्वाहिश ने अनिरूद्ध को सिविल सेवाओं की ओर आकृषित किया.

कुछ समय तक कार्य करने के बाद अनिरूद्ध ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया और नौकरी छोड़ गम्भीर तैयारी में जुट गये.

सिविल सेवा परीक्षा 2012 में अनिरूद्ध ने अपना प्रथम प्रयास लिया और साक्षात्कार स्तर तक तो पहुँचे, पर अंतिम सफलता न पा सके.

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सिविल सेवा परीक्षा 2013 में मुख्य परीक्षा में आये बदलावों से उत्पन्न तमाम आशंकाओं और नकारकताओं से अपने को दूर रखते हुए फिर से अपना श्रेष्ठ प्रयास ड़ाला. पर जैसा भाग्य को मंजूर था, साक्षात्कार तक पहुँच, एक बार फिर से सफलता का स्वाद न चख सके.

पर सिविल सेवा परीक्षा के साथ ही अनिरूद्ध उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भी शामिल हुए और 2012, 2013 और 2014 की परीक्षाओं में लगातार सफलता पाते रहे.

हर असफलता से उत्पन्न निराशा और कसक को दूर कर अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने को अनिरूद्ध फिर एक बार अपने साथियों और मित्रों जिनमे खासकर उनकी पत्नी आरती भी थीं, के साथ सिविल सेवा परीक्षा 2016 के लिये जान लगा दी. इस बार के परिणाम में आरती को 118वाँ रैंक प्राप्त हुआ पर अनिरूद्ध अपना नाम मेरिट-लिस्ट में न पा धैर्य रखते हुए, फिर से सिविल सेवा परीक्षा 2017 की तैयारी में जुट गये.उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की 2012 परीक्षा में CTO, 2013 की परीक्षा में ACCT पद पर चयनित हुए और फिर 2014 की परीक्षा में चयन हुआ DSP पद पर. इस समय अनिरूद्ध 2013 में चयन के आधार पर कार्यरत्त हैं. पर ख्वाहिश तो हमेशा IAS बनने की रही जो ज्यादा समय तक दबी न रह सकी.

और अंततः एक सुखद परिणाम - सिविल सेवा परीक्षा 2017 में अंतिम रूप से सफल और इससे महत्वपूर्ण हिन्दी माध्यम से सर्वोच्च स्थान.

एक सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी, अनिरूद्ध अपनी इस यात्रा को कुछ यूँ बयाँ करते हैं, “जीवन में मैने कभी आशाओं का दामन नहीं छोड़ा और न ही अपनी क्षमताओं पर शक किया. कठिन समय आते हैं और आप पायेंगे यह गुज़र भी जाते हैं, ऐसे में कठिन परीश्रम और धैर्य से आप अपनी सभी ख्वाहिशें पूरी कर सकते हैं, चाहे ये ख्वाहिशें कितनी बड़ी क्यों न हों.

Last Update Tuesday 8th May 2018

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