यदि मैं इस परीक्षा को पार कर सकता हूँ, तो कोई भी यह परीक्षा पास कर सकता है, वह भी उच्च स्थान पर, प्रेमसुख डेलू (AIR 170; CSE 2015 हिंदी माध्यम से तृतीय)

ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबद्ध प्रेमसुख डेलू ने अपने दूसरे प्रयास में प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2015 में धैर्य और दृढ़ संकल्प दिखाते हुए यह सफलता पाई. और इसके लिए क्या काम कर गया – उनकी ईमानदारी और सफलता प्रति सकारात्मक सोच.

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बीकानेर (राजस्थान) के 28 वर्षीय प्रेमसुख डेलू ने सिविल सेवा परीक्षा 2015 ने 170वाँ रेंक प्राप्त किया है और हिंदी माध्यम के साथ सफल उम्मीदवार में तृतीय स्थान पर रहे हैं.

जब मैं प्रेमसुख डेलू से मिला और इस शानदार सफलता के किये बधाई दी तो एक विजेता की तरह प्रेमसुख ने कहा, "जब लोग कहते हैं कि सिविल सेवा परीक्षा और हिन्दी माध्यम के साथ सफलता कठिन है तो मैने सोचा मेरे पास संसाधनों की कमी है, लेकिन, सपना देखने... बड़े सपने देखने पर तो कोई प्रतिबंध नहीं है.

मेरे लिए खोने के लिए कुछ भी नहीं था; मैं तो धरातल पर था और वहाँ से गिरने की कोई संभावना नहीं. लेकिन, मुझे पता था कि यहाँ से आगे जाने की, बड़ा बनने की असंख्य संभावनाएँ हैं.

यह कहना कि सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए सफलता मुश्किल है बिलकुल गलत है; मैं पिछले वर्ष भी इस परीक्षा में शामिल हआ; लेकिन, मुख्य परीक्षा में कुछ अंक कम रह जाने के कारण साक्षात्कार तक नहीं पहुंच सका. इस बार मैंने अपने पिछले प्रयास की कमियों को देखा और तैयारी के बारे में अधिक सतर्क था और आशावान था कि सभ्य परिणाम पाया जा सकता है.

आज मैं यह कह सकता हूँ कि अगर मैं इस परीक्षा को पार कर सकता हूँ, तो कोई भी उम्मीदवार यह परीक्षा पास कर सकता है वह भी उच्च स्थान पर.

यदि आप मेरी पृष्ठभूमि में झांक कर देखेंगे, तो आप इस सफलता के बारे में सोच भी नहीं सकते. मैं एक गांव में रहा हूँ, पूरी शिक्षा सरकारी स्कूल में की. मेरे माता-पिता, मेरी बड़ी बहन अनपढ़ हैं.

जब मैं छटी कक्षा में पहुंचा तब तो अंग्रेजी वर्णमाला सीखना शुरू किया. आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि मेरी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ कितनी रही होगी; और अगर मैं अंग्रेजी में अच्छा नहीं कर पा रहा हूँ, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं रही. लेकिन, मैंने इसे अपने विकास-पथ में किसी प्रकार की बाधा बनने की अनुमति कभी नहीं दी.

एक बड़े संयुक्त परिवार के लिए, हमारे पास भूमि का एक छोटा सा टुकड़ा था और परिवार में केवल कमाऊ सदस्य मेरे बड़े भाई जो कांस्टेबल (राजस्थान पुलिस) हैं. आप समझ सकते हैं कि एक कांस्टेबल का वेतन कितना होता है और एक बड़े परिवार को चलाने, उनकी जरूरतों पूरा करने और सामाजिक दायित्वों को निभते जीवन कितना मुश्किल रहा होगा.premsukh-delu-ias-topper-upsc-cse-2015-170th-rank-hindi-medium-history

मैं गांव में रहता था, खेती किया करता था, मवेशियों को चराया; लेकिन, जब भी समय मिला, चाहे खेतों की रखवाली करते हुए या फिर मवेशियों की चराई के साथ, इसे अध्ययन के लिए इस्तेमाल किया.

यही सब करते जीवन शुरू किया; मैं आपको बताऊ - मेरे भाई भी समान रूप से योग्य है; लेकिन, उन्होंने अपना कैरियर परिवार की देखभाल करने के लिए बलिदान कर दिया और आज मैं जो कुछ हूँ यह सब उनकी वजह से ही है.

मैंने बचपन में ही 'सिविल सेवा' में कैरियर बनाने के बारे में सोचा था. मुझे याद है जब मैं 10 वीं कक्षा में था, मैं अपने आप को हर समय पढ़ाई में झोंके रखता था तब मेरे एक शिक्षक ने मुझे सलाह दी, "मुझे अभी कई मंज़िले तय करनी हैं और लक्ष्य तक पहुंचना है  तो कम से कम 6 घंटे की नींद ज़रूर लेते रहो. धैर्य के साथ मैं कुछ भी हासिल कर सकता हूँ"

प्रेमसुख ने कहा कि केवल एक वह ही नहीं कई लोगों ने उज्ज्वल भविष्य के लिये कामना की और उन्हें मुझ पर विश्वास रहा कि मैं कुछ बड़ा कर दिखाऊंगा.

और जब आप जीवन में कुछ बड़ी उम्मीद लगाते हैं तो आपको आशावादी होना जरूरी है और अगर मैं आपको अपने कैरियर ग्राफ और इसकी प्रगति के बारे में बताऊ तो आप हैरान हो जाएंगे. जिस किसी परीक्षा में मैं बैठा, उसमें सफलता पाई और एक के बाद एक सीढ़ी चढ़ते लक्ष्य तक पहुँचा हूँ.

किसी के लिये मन में कोई द्वेश नहीं, कोई पछतावा नहीं; मुझे लगता है कि मैं भाग्यशाली हूँ कि मेरा एक परिवार है जो एक-दूसरे के लिए परवाह करता है उसके अलावा जीवन में आपको और क्या चाहिये?

सच तो यह है कि दर्द के बिना कोई खुशी बड़ी खुशी नहीं. मैंने कैरियर की इस यात्रा का भरपूर आनंद लिया है और खुद के साथ ईमानदार बना रहा यही मेरी सबसे बड़ी संपत्ति है. मैंने अपने अतीत या भावनात्मक कारणों को कभी अपनी वृद्धि के रास्ते में नहीं आने दिया.

आज, लोगों मुझे हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए आशा की किरण कह रहे हैं; यदि ऐसा है तो, आप मेरे निरंतर प्रयास को देखें और कड़ी मेहनत करें, ईमानदार रहें और सभी पूर्वाग्रह छोड़ कर मन में सकारात्मक परिणाम की आशा के साथ इस परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयारी करें और अवश्य ही आप एक विजेता के रूप में उभरेंगे.

On Tuesday 7th March 2017     

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