सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने का साहस दिखायें और अपने लक्ष्य प्राप्ति हेतु दिल से प्रयास करें; डॉ इंदू जाखड़ (रैंक 30; सी.एस.ई. 2015)

अपने दूसरे प्रयास में डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 30 वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है. स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद अपने पहले ही प्रयास में कुछ अंतराल छूट जाने के कारण असफलता को इंदू ने अपनी सफलता की ओर पहले कदम के रूप में देखा और इस बार सफलता पाई.

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दिल्ली की यह लड़की, डॉ इन्दू रानी जाखड़, मूल रूप से झज्जर (हरियाणा) की रहने वाली है जिसने सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 30 वीं रैंक प्राप्त की है.

यह इन्दू का दूसरा प्रयास था और वैकल्पिक विषय के रूप में उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को चुना.

इंदू ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से 2013 में अपनी एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई पूरी की.

अपनी सफलता-यात्रा सांझा करते हुए इंदू ने कहा, "मैं स्नातक होने के बाद तुरंत प्रयास के लिए उत्सुक थी; तो, जो भी सीमित समय मेरे पास था, उसमें मैंने सिलेबस कवर करने की कोशिश की, लेकिन तैयारी में कुछ अंतराल छूट गया फिर भी मैं योग्यता-सूची में जगह पाने में कामयाब रही और सी.एस.ई. 2014 में 688 रैंक मिला.

हालांकि, मैंने इस प्रयास को अपने दूसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल करने में मदद करने के लिए पहले कदम के रूप में देखा."

इंदू एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आती हैं; उनके पिता वेद प्रकाश जाखड़ दिल्ली पुलिस में हैड-कांस्टेबल हैं और माँ विद्या जाखड़ एक गृहिणी है. उनका भाई विकास जाखड़ आई.पी. यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रहा है.

जब मैने पूछा कि वह कैसे इस परीक्षा की ओर आकर्षित हुई इसके बारे में इंदू ने कहा, "शीर्ष स्थान पर चयनित और सफल उम्मीदवारों की यात्रा को प्रमुखता देने वाले लेख पढ़ना सदैव अच्छा लगा और सफलता की प्रेरणा भी मिली साथ ही मैने इस तरह की कई कहानियों के साथ अपने को कनेक्ट करने में सक्षम पाया."

"मैं डॉ सलोनी सिदाना (ए.आई.आर. 74, सी.एस.ई. 2013) से प्रेरित हुई और इस परीक्षा की तैयारी शुरू करते समय उनकी कहानी ने मुझे अत्यधिक प्रेरित किया था."

अपनी बातों में स्पष्ट इंदू ने कहा, "मैंने सलोनी के साथ बहुत सारी समानता का मेल पाया और सिर्फ उनका अनुसरण करते हुए संस्थान निर्वाणा आई.ए.एस. अकादमी के साथ संपर्क में आई, जहां मैंने शुरू से अंत तक तैयारी करने का सही मार्गदर्शन पाया.

करम सर के पुरजोर समर्थन के साथ मुझे मेरे मार्ग में आई सभी बाधाओं को पार करने में मदद मिली और एक अच्छे अभ्यर्थी बनने में और उच्च निष्पादन में सहायता मिली.

जब मैंने 'सिविल सेवा' में कैरियर बनाने की उसकी पसंद के बारे में पूछा, तो उसने कहा, "किसी भी बड़े उद्देश्य की ओर अग्रसर होनो के लिये आपको जीवन में बड़ा जोखिम तो लेना ही पड़ता है. मैं जानती थी कि मैं जोखिम ले रही हूँ, लेकिन मैं स्पष्ट थी कि इन सेवाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य के अवसर मिलेंगे, तथा समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण तरीके से मुझे योगदान करने का अवसर भी मिलेगा."

इन्दू ने कहा कि "मैंने सोचा कि सिविल सेवाओं के कारण मैं कुछ सीमा में नहीं बंधुगी; बल्कि यह मुझे मेरी सेवा के दायरे को और विस्तृत करने में मदद करेंगी."

Last Update Thursday 18th July 2019     

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