सिविल सेवा परीक्षा 2015 में हिंदी माध्यम के साथ आई.ए.एस. टॉपर, अनुराधा पाल (रैंक-62)

जब यहां सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम के प्रदर्शन के बारे में संदेह और अनिश्चितताओं का माहौल है, अनुराधा पाल (रैंक 62; सी.एस.ई. 2015) ने हिंदी माध्यम के साथ शानदार सफलता हासिल की है. ग्रामीण पृष्ठभूमि, संसाधनों की कमी के बावजूद और परीक्षा से जुड़ी जटिलताओं के बारे में कोई ज्ञान न होने पर भी कदम-दर-कदम अनुराधा अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हुई और यह शानदार सफलता अर्जित की.

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जिला हरिद्वार के एक छोटे से गाँव की साधारण परिवार की एक लड़की अनुराधा पाल सिविल सेवा परीक्षा 2015 में हिंदी माध्यम के साथ सफलता प्राप्त कर सुर्खियों में उभरी है और मैरिट-लिस्ट में 62 वां रैंक प्राप्त किया है.

अनुराधा पाल के साथ यह मेरा पहला वार्तालाप नहीं है; पिछले 28 वर्षों में मेरे साथ अकसर ही होता रहा है जब कई युवाओं के जीवन में परिवर्तन और उनकी कैरियर-प्रगति का मैं गवाह रहा हूँ और ऐसे ही प्रतिभाशाली युवाओं में से अनुराधा एक है.

यह उनकी पहली सफलता नहीं है; सी.एस.ई. 2012 में पहले भी वह 451 रैंक प्राप्त कर चुकी हैं जिसके द्वारा उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस-आईटी) मिला था, तब मैंने तीन वर्ष पहले भी अनुराधा पाल के साथ साक्षात्कार किया था.

अपनी इस यात्रा में किस प्रकार लक्ष्य के प्रति समर्पित रह पाई, मेरी जिज्ञासा के उत्तर में अनुराधा ने कहा, "ग्रामीण पृष्ठभूमि और अल्प संसाधन मेरी बड़ी महत्वाकांक्षा के लिए बाधाओं की तरह थे और स्वपनिल गंतव्य की ओर मेरी यात्रा उताप-चढ़ाव से भरी रही है."

"जीवन कठिन रहा और यहां तक ​​कि मेरी इंजीनियरिंग के लिए मेरे माता-पिता अपनी सीमाओं से परे चले गये थे. मैंने जी.बी.पंत विश्वविद्यालय से बी.टेक. (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन) किया था."

"स्नातक के अंतिम वर्ष में मेरा चयन आई. टी. क्षेत्र की एक प्रमुख कम्पनी टेक-महिंद्रा में हुआ; लेकिन, सिविल सेवा परीक्षा मस्तिष्क में शीर्ष पर थी इसलिये, कैरियर की शुरूआत के, लिये प्राध्यापक के रूप में कॉलेज आफ टेक्नोलोज़ी, रुड़की चुना जहाँ तीन वर्ष का कार्यकाल रहा."

लक्ष्य की ओर यात्रा की शुरूआत में वित्तीय बाधाओं ने सीमित अध्ययन सामग्री और किताबों के साथ तैयारी शुरू करने के लिए मजबूर किया और अनुराधा ने स्वयं-अध्ययन के साथ पहले दो प्रयास लिये.

पर इस परीक्षा के लिये वह स्पर्श नहीं मिल पाया जो वांच्छित था और उचित मार्गदर्शन का अभाव बाधा साबित हुआ.anuradha-pal-ias-upsc-topperhindi-medium-cse-2015

अनुराधा ने कहा, "मैंरे समक्ष यह स्पष्ट था कि यह तैयारी बड़ी है और शायद विशिष्ट मार्गदर्शन मेरी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकता है.

इसलिये समय बर्बाद किये बिना मैंने प्राथमिकता के अनुरूप उचित मार्गदर्शन के लिए दिल्ली शिफ्ट करने का फैसला किया और निर्वाणा आई.ए.एस. अकादमी में दाखिला लिया. हालांकि; कोचिंग मेरी पहुंच से बाहर थी लेकिन, मैं कुछ योजनाओं के साथ आई थी और मैने कोचिंग-क्लास के खर्च को कवर करने के लिए ट्यूशन लेना शुरू कर दिया."

"यह कदम एक प्रकार से उत्प्रेरक साबित हुआ और मैंने 2012 में इस परीक्षा के सफलता प्राप्त की और आई.आर.एस. का पद मिला."

"अभी भी मैं अपने लक्ष्य से दूर थी, मेरे प्रयास जारी रहे और सर्विस में होने के बावजूद एक बार फिर मैंने सिविल सेवा परीक्षा 2015 में शामिल होने का निर्णय लिया और इस प्रयास में कार्य को पूरा करने में कामयाब रही."

इस प्रयास में मैंरे पास अपनी वर्तमान सेवा की वजह से बहुत कम समय था. एक महीने की छुट्टी की इस छोटी सी अवधि में मुझे स्मार्ट-कार्य करना था. इस सीमित अवधि में मुख्य परीक्षा के सिलेबस के अनुरूप तैयारी में संशोधन करने और पाठ्यक्रम को दुहराने की एक प्रभावी रणनीति बनाने में 'करम सर' ने बहुत मदद की."

"मैंने उपलब्ध समय को स्लॉट में विभाजित किया और दैनिक आधार पर छोटे-छोटे लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया."

एक सुसंगत प्रयासरत्त अभ्यर्थी होने के साथ जब हिन्दी माध्यम से जुड़ाव और हाल के वर्षों में हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के गिरते प्रदर्शन के बारे में जब पूछा कि क्या परीक्षा का वर्तमान पैटर्न सफलता को प्रभावित करता है या फिर हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के लिये मौके कम हैं; इस पर प्रतिक्रिया करते हुए अनुराधा ने कहा, "जहां तक ​​हिन्दी माध्यम के साथ सफलता का संबंध है, मुझे लगता है कि भाषा माध्यम किसी प्रकार से परिणाम को प्रभावित नहीं करता है. ज़रूरत है लेखन के लिए चुनी भाषा पर पकड़ और परीक्षा में सटीक एवं संक्षिप्त उत्तर लिखने में प्रवीणता प्राप्त करने की."

"हर साल मेरे जैसे हिन्दी माध्यम के उम्मीदवार योग्यता-सूची में जगह पाते रहे हैं और आपना लक्ष्य प्राप्त कर रहे हैं" अपनी सफलता से संतुष्ट अनुराधा ने कहा.

निसंदेह, यह सफलता हिन्दी माध्यम के लिये आशा की किरण की तरह है और इससे प्रेरित हो आपमें से कई युवा आगामी परीक्षा में उच्च प्रदर्शन के लिये अपनी तैयारी को परीक्षा के मानकों के समकक्ष ले जाने का प्रयास करेंगे.

उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं सहित.

Last Update Thursday 18th July 2019     

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