सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी: यह सुनिश्चित करें की आपकी तैयारी सही दिशा में जा रही है

सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने की चुनौती का सामना करने का जोश़ तो सभी उम्मीदवारों में होता है जो सजग, योग्य और प्रतिभावान होते हैं एवं कई ऐसे उम्मीदवारों का सम्मिश्रण होता है जो परीक्षा-आवश्यकताओं के बारे में अनभिज्ञ हैं. अधिकांश सक्षम उम्मीदवार अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए इस परीक्षा की तैयारी को प्रभावी ढंग से संभाल लेते हैं. नये एवं परीक्षा में शामिल जटिलताओं से अनभिग्य उम्मीदवारों के लिये संघ लोक सेवा आयोग की मंशा को समझने के लिए शुरू में यह थोड़ा मुश्किल ज़रूर है, परन्तु असंभव नहीं.

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तो, अखिर आप भी 'सिविल सेवा' में कैरियर बनाने में रुचि रखते हैं और इस साल सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं या आगामी वर्ष की परीक्षा में बैठने का मन बना रहे हैं.

इसमें कोई शक नहीं है कि आपने अपने लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया है वह साध्य है और हर साल सैकड़ों सक्षम उम्मीदवार अपने लक्ष्य को प्राप्त भी करते हैं. प्रत्येक उम्मीदवार के लिए परम उद्देश्य केवल एक सकारात्मक परिणाम है जो मन चाही सेवाओं में कैरियर दिला दे और इस लक्ष्य प्राप्ति में आत्म-विश्वास और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

प्रत्येक उम्मीदवार के लिए, शुरुआत हमेशा उत्साहित होती है और आप कल्पना करते हैं कि आप अपनी तैयारी के स्तर को काफी अच्छा ले जा सकेंगे. परन्तु, जैसे-जैसे आपकी तैयारी अग्रिम रूप में आती है, कुछ संदेह, भ्रम आपके मन के चारों ओर से घेर लेते हैं. इसके अलावा, भीषण परीक्षा-योजना आपके समक्ष बड़ी चुनौतियां प्रस्तुत करती है जो उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के विभिन्न चरणों से निपटने के लिए पृथक रणनीतियों की अपेक्षा रखती है.

लेकिन, ऐसा नहीं कि सभी की यह यात्रा बिना किसी कठिनाई के पूरी हो जाती है यह कोई साधारण परीक्षा तो है नहीं. और फिर तैयारी के दौरान सफलता के प्रति अनिश्चित कई उम्मीदवारों में कभी-कभी संशय आ जाता है.

इसलिए, चाहे आप पहला प्रयास ले रहे हैं या अगला सभी उम्मीदवारों में तैयारी के लिए अपनाये जा रहे नियोजन एवं दृष्टिकोण के प्रति कुछ अनिश्चित बनी रहती है और कई उम्मीदवारों के मन में तैयारी को ले प्रश्न उठता है.

"क्या मेरी तैयारी सही दिशा में जा रही है?"

यह कहा जाता है कि एक अच्छी योजना, गुणवत्तापूर्ण किताबें, प्रासंगिक अध्ययन सामग्री और सही मार्गदर्शन आदि एक अच्छी शुरूआत के लिए जरूरी हैं, लेकिन, निश्चित रूप से सिर्फ इतना ही पर्याप्त नहीं. प्रत्येक चरण में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक समझ एवं कौशल की जरूरत पड़ेगी.

परीक्षा की पूरी प्रक्रिया अवधि कम करने के प्रयास जारी हैं फिर भी लगभग 12 महीने का समय (अधिसूचना से परिणाम तक) लगता है और इस लम्बी अवधि में प्रत्येक स्तर पर सफल होने के लिए लगातार उम्मीदवारों का प्रेरित रहना जरूरत है. लेकिन अगर आप किसी भी चरण में विफल रहते हैं, तो एक बार फिर से यात्रा प्रारंभिक परीक्षा के साथ नए सिरे से शुरू होती है.

यह परीक्षा चुनौतियों से पूर्ण है!

यह स्पष्ट रूप से समझ लें कि परीक्षा-योजना के अलग-अलग स्तर पर विभिन्न मूल्यांकन विधियों के साथ संघ लोक सेवा आयोग आपके संचित ज्ञान, जागरूकता, आपकी अभिव्यक्ति, समस्याओं के प्रति विचार एवं राय, विश्लेष्णात्मक सोच और निर्णयन क्षमताओं का परीक्षण करता है.

यह एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए कोई एक रणनीति नहीं है जिसका सभी उम्मीदवार टेम्पलेट के रूप में इस्तेमाल कर सकें. पर आप कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रख कर परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं.

इसलिये आपको शुरू में ही पूरी परीक्षा-योजना को समझना चाहिए और परीक्षा के हर चरण में संबंधित आवश्यकताओं के बारे में स्पष्ट होना चाहिए.

मुझे किन बातों को ध्यान में रखने की जरूरत है?

सर्वप्रथम, तैयारी आरंभ करने से पहले, आत्म-विश्लेषण अति आवश्यक है जिसके द्वारा आप अपने सबल पक्षों और कमजोरियों के बारे में पता लगा सकते हैं. इसका उपयोग आपको अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने में मिलेगा.

आपको शुरूआत में ही एकीकृत दृष्टिकोण अपनाकर अपनी तैयारी शुरू कर देना चाहिए. इससे कम से कम प्रयास के साथ अधिकतम कवर करने के उद्देश्य बनायें जिसके द्वारा आप बचाए गए समय को अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोग कर सकते हैं जिन पर आपको अधिक ध्यान देने की जरूरत है.

आप पाठ्यक्रम को छोटी इकाइयों में तोड़ने का प्रयास करें और समयबद्ध तरीके से प्रत्येक इकाई को कवर करने की कोशिश करनी चाहिए. योजनाओं को तैयार करते समय आप अतिरिक्त समय के लिए कुछ प्रावधान रख कर चलें. क्योंकि किसी कारणवश यदि किसी इकाई की तैयारी नियोजित समय में पूरी नहीं हो पाती तो उसे इस अतिरिक्त समय में पूरा किया जा सके. साथ ही यदि कोई नयी सामग्री जोडनी है तो उसके लिए भी आपके पास समय होगा. इस प्रकार आपकी तैयारी में निरंतर रूचि बनी रहेगी और बिना किसी दबाव के तैयारी सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी.

ज़रूरत है अपनी तैयारी के स्तर के उत्थान के लिए प्रयास करने की

यह स्पष्ट रूप से समझने की जरूरत है कि चाहे यह प्रारंभिक परीक्षा हो या मुख्य, पाठ्यक्रम आपके लिए सीमा को परिभाषित करता है और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र आपको नवीनतम रुझानों और परीक्षक की उम्मीदों की पहचान करने में मदद देते हैं. आप पाठ्यक्रम का पालन करें और तदनुसार प्रासंगिक अध्ययन सामग्री का चयन करना चाहिए. लेकिन, आप यह सुनिश्चित करें कि पाठ्यक्रम के अंतर्गत कवर विषयों के साथ कुछ अंतर-संबंध वाले मुद्दों को छोड़ तो नहीं रहे हैं .

अपने ज्ञान को समकालीन घटनाओं के साथ अद्यतन रखें साथ ही मूल-अवधारणाओं की स्पष्ट जानकारी भी अनिवार्य है जिसके द्वारा मुद्दों से जुड़ी बारीक़ जानकारियाँ और विभिन्न विषयों से जुडाव को समझ पाने में सक्षम होंगे.

क्या मुझे परीक्षा के नए प्रारूप के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है?

हाँ, दोनों प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के प्रारूप में हाल के वर्षों में बदलाव आये हैं और खेल के नियम भी परिर्वतित है; इसलिये, आपको एक अलग, नवीन दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है. इसके अलावा, प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच समय-अंतराल कम हो जाने से भी एक नई रणनीति और प्रभावी तैयारी-शैली अपनाने की आवश्यकता है.

परीक्षा-योजना को समझें और जरूरत के अनुरूप नियोजन करें. सामान्य अध्ययन की तैयारी के लिए अधिक से अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है तो इसके लिए उपयुक्त समय का आवंटन करें. हालांकि, निबंध प्रश्न-पत्र के लिए अलग तैयारी योजना की आवश्यकता नहीं है लेकिन, इसके लिए लेखन कौशल महत्वपूर्ण हैं और बेहतर प्रस्तुति में आपको केवल अभ्यास के द्वारा ही मदद मिलेगी.

एक वैकल्पिक विषय की भूमिका सीमित है लेकिन है महत्वपूर्ण, तो इसके लिये गंभीरता से विचार की आवश्यकता है.

हाल के वर्षों में मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्रों का एक सामान्य अवलोकन दर्शाता है कि संघ लोक सेवा आयोग इनमे रचनात्मकता और नवीनता लाया है. पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार और प्रकृति उम्मीदवारों के संचित ज्ञान और जागरूकता के स्तर का परीक्षण करते हैं. एक बात तो पक्की है कि आपको सब कुछ अधिक गहराई में तैयार करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन संघ लोक सेवा आयोग की आपसे आपेक्षा है कि अधिकाधिक मुद्दों के बारे में कुछ-न-कुछ जानकारी तो हो ही. आपसे यह उम्मीद की जाती है कि आप अच्छे संचार कौशल के साथ अपनी बात को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में सक्षम होने चाहिए.

अब जहाँ प्रश्नों के उत्तर में सीमित शब्दों के भीतर सटीक एवं स्पष्ट सूचना कि आपेक्षा है आपका सामान्य दृष्टिकोण काम आएगा और इस कौशल को विकसित करने के लिए आपको उत्तर-लेखन अभ्यास बहुत जरूरी है.

अभ्यास के द्वारा आप अपनी प्रस्तुति में निरंतर सुधार ल सकते हैं और उत्तर अधिक प्रभावी बनाने में निपुणता हांसिल कर सकते हैं जो परीक्षा हॉल के दौरान 'समय प्रबंधन' में भी मदद करेगा.

जब कभी भी आप विचलित हों, सभी संदेहों और अनिश्चितताओं का मुकाबला करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप 2-3 घंटे के लिए एक छोटा सा ब्रेक ले लें. इस बारे में ऐसे लोगों तक पहुचने का प्रयास करें जिन पर आप पूर्णरूप से विश्वास करते हैं. अपने मन को शांत करने के लिए

एक बार फिर से इस परीक्षा के अंतिम परिणाम द्वारा प्राप्त होने वाले फल के बारे में सोचें जो आपके फिर से प्रयास के लिए प्रेरित करने के लिए पर्याप्त होगा.

तैयारी रखें, आगे बढ़ते रहें, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और इस परीक्षा की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयारी में पैनापन लाने का प्रयास जारी रखें.

Last Update Sunday 15th March 2015     

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