पहले ही प्रयास में आई.ए.एस. आसान नहीं था; लेकिन, यह पहाड़ चढ़ने की तरह भी तो न था; सलोनी सिदाना (रैंक 74, सिविल सेवा परीक्षा 2013)

(IAS in first attempt was not a cakewalk; but, it was neither like climbing a mountain; says, Saloni Sidana (AIR 74, CSE 2013))

अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 74वाँ रैंक प्राप्त करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. इस सफलता के द्वारा, किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये उचित मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से सलोनी ने एक मिसाल कायम की है. एक चिकित्सक होने के बावजुद, वैकल्पिक विषय के रूप में विधि के साथ सलोनी ने इस शानदार परिणाम का उत्पादन किया है.


 By:      On Monday 23rd June 2014

सलोनी सिदाना ने सबसे कठिन माने जानी वाली सिविल सेवा परीक्षा 2013 में पहले ही प्रयास में आई.ए.एस. बनने का सपना पूरा किया है.

सलोनी ने इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 74वां रैंक हासिल किया है और वैकल्पिक विषय के रूप में विधि के साथ इस अद्भुत परिणाम का उत्पादन किया है.

एक चिकित्सक होने के बाद, सिविल सेवा में कैरियर क्यों इस प्रश्न पर प्रतिक्रिया देते हुए सलोनी ने कहा, "जब मुझे इस बात का एहसास हुआ कि सिविल सर्विसेस मुझे एक व्यापक मंच और लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले कई क्षेत्रों में काम करने का मौका प्रदान कर सकते हैं, तो मैने इस ओर कदम बढ़ा दिये."Saloni-sidana-IAS-topper-CSE-2013-74-rank

अपने माता-पिता और शिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए सलोनी ने कहा, "मेरी सफलता में एक बड़ा योगदान मेरे माता–पिता, नज़दीकी रिश्तेदारों, दोस्तों और विशेष रूप से कोचिंग संस्थान में अपने शिक्षकों से आया है."

मेरे माता-पिता का बिना शर्त समर्थन, मुझ में और मेरे सपनों में उनका विश्वास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और मेरे हर कदम में उनका समर्थन और कई बार जब भी मैंने अपने आप पर शक किया, मेरे दोस्त का मुझमें हमेशा की तरह विश्वास कि मै यह कर सकती हूँ, यह सभी मेरी सफलता का आधार रहे.

मेरे पिता व्यवसाय से एक कृषक हैं और मां एक गृहिणी है; एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई और हम जलालाबाद में रहते हैं. हमेशा से उन्होंने मेरे सपनों में विश्वास रखा और मुझे, जो मैं करना चाहती थी, जो कुछ चुनना चाहती थी और जिस तरह से आगे बढ़ना चाहती थी, सभी निर्णयों के लिये पूर्ण स्वतंत्रता दी.

निरंतर समाज सेवा में लगे हुए मेरे पिताजी हमेशा से मेरे प्रेरणास्रोत रहे हैं और जो भी मैने चाहा, मेरी मां ने मुझे हमेशा उसे प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. मेरे मित्रों ने इस सफलता में एक विशेष भूमिका निभाई है क्योंकि जब भी लगा कि इस परीक्षा में सफलता कठिन है, सभी ने मेरे विश्वास के उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ी.

सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करते हुए मेरे शिक्षक भी एक परिवार का हिस्सा बन गये और उन्होंने एक ऐसी भूमिका निभाई जिसमें वह मेरे मार्गदर्शक रहे, जब भी मैंने हताश महसूस किया उन्होंने मुझे प्रेरित किया, जब-जब मैंने अच्छा प्रदर्शन किया, उन्होंने मुझे सराहा और जब भी मैंने कुछ गलत किया, उनसे मुझे डांट भी मिली.

अपनी शानदार उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए सलोनी ने कहा, "पहले ही प्रयास में आई.ए.एस. पा जाना आसान नहीं था; लेकिन, यह पहाड़ चढ़ने की तरह भी तो न था. यह थोड़ा मुश्किल ज़रूर है लेकिन सटीक मार्गदर्शन मिले, स्मार्ट वर्क करें, तैयारी में निरंतरता बनाये रखें और सफलता के प्रति आशा बनाये रखें तो बहुत अच्छे तरीके से और आसानी से मनवांछित फल हासिल किया जा सकता है.

इस बड़ी परीक्षा का सामना करने के लिये सलोनी ने कहा, "एक प्रतियोगी के रूप में आपको पूरी प्रक्रिया का आनंद उठाते हुए आप तैयारी-रूपी यात्रा को भी उतना सराहें, जितना अंतिम गंतव्य को, मैंने तो यही किया."

Last Update Monday 23rd June 2014

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