आई.ए.एस. की तैयारी की योजना मेरे लिए खास थी; मृणाल चावला (रैंक 156, सिविल सेवा परीक्षा 2013)

(Plan to prepare for IAS was special to me; says Mrinal Chawla (AIR-156; CSE 2013))

दिल्ली वासी, मृणाल चावला ने सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 156 रैंक हासिल की है. तैयारी के बारे में अधिक जानकारी न होने के बावजूद मृणाल ने बस पूर्ण दृढ़ संकल्प और उचित मार्गदर्शन के साथ तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में इस अद्भुत परिणाम का सृजन किया.


 By:      On Sunday 13th July 2014

सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले ही प्रयास में दिल्ली वासी 26 वर्षीय, मृणाल चावला ने सिविल सेवा परीक्षा 2013 में सफलता प्राप्त की है और उन्हें 156वीं रैंक मिली है. मृणाल दिल्ली विश्वविद्यालय से जैव चिकित्सा विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं.

इस समाचार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मृणाल ने कहा, "मेरी आंखें लक्ष्य पर केन्द्रित थीं और यह मेरा पहला प्रयास था इसलिये मैं और अधिक सतर्क भी था."

यहाँ मेरा कोई गॉडफादर तो था नहीं और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पूरी तरह से एक नया अनुभव था. कैरियर विकल्प के रूप में यह काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मेरे परिवार में दूर तक सिविल सेवा के साथ कोई संबंध नहीं है.

अपनी तैयारी की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए मृणाल ने कहा कि "मैं अपनी तैयारी में कुछ भी छोड़ना नहीं चाहता था जिससे इस पर प्रतिकूल प्रभाव हो. वैसे भी यह कहा जाता है कि जिस चीज को दिल से चाहो तो वह ख़ास हो जाती है और बस इसी सोच के साथ मैंने जब तैयारी शुरू की तो केवल 'आशा' ही मेरी सबसे बड़ी संपत्ति थी."

हालांकि, मैंने तैयारी शुरू करने में बहुत देर कर दी थी क्योंकि मैं अपनी खुद की परिस्थितियों में उलझ हुIAS-Toppers-2013-Mrinal-Chawla-IAS-topper-CSE-2013-156-rankआ था. मेरी मां अकेली हैं; उन्हें देखते हुए मैं यह चुनाव नहीं कर पा रहा था कि भविष्य सुरक्षित करने हेतु पीएचडी पूरी करूं या अपना क्षेत्र बदल सिविल सेवाओं में कैरियर बनाने के लिये कोशिश करूं. इस तरह के मुश्किल हालत में फ़से हुए मेरे लिये सिविल सेवा परीक्षा 2013 में भाग लेने के लिये पीएचडी छोड़ने का निर्णय, एक जुआ ही था.

तैयारी की शुरुआत में पहली अहम बात है कि आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी योजना जानते, समझते हैं और साथ ही इस संस्कृति को अवशोषित करने की जरूरत है; इसलिए, मेरी खोज शुरू हुई ऐसे संस्थान की जो मेरा मार्गदर्शन कर सके और मेरी खोज में प्रथम संस्थान ही ऐसा मिला कि मुझे कहीं और नही देखना पड़ा क्योंकि यह थोड़ा अलग है.

मध्य-जनवरी 2013 तक मैने अपना मन बना लिया और इस तैयारी के रूप में बहुत कुछ मेरे लिए नया था इसलिये आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने के अंततः निर्वाणा आई.ए.एस. में शामिल हुआ.

इसके अलावा, अकादमिक पढ़ाई से इस तरह के एक कड़े मुकाबले के लिए संक्रमण इतना आसान नहीं है. क्योंकि मैं पीएचडी कर रहा था, तैयारी हेतु मैं बहुत समय देने में सक्षम नहीं था, लेकिन फिर भी, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की इच्छा मन में धारण किये बैठा था.

सिविल सेवा में सफलता की संभावना के बारे में परीक्षा मृणाल ने कहा, "मैं जानता हूँ कि जो कड़ी मेहनत से किसी काम को करते हैं और सकारात्मक रवैया अपनाते हैं उनका उद्धार अवश्य ही होता है इसलिए, मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और शेष सब भगवान पर छोड़ दिया.

मैंरे लिये बहुत सी बातें दाँव पर लगी थीं और मैं खुश हूँ कि सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए मेरा निर्णय वास्तव में फलीभूत हुआ है.

Last Update Sunday 13th July 2014

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