सफलता अब मिली पर दोनों प्रयासों में मेहनत लगभग समान रही; मुनीश शर्मा (रैंक 2, सिविल सेवा परीक्षा 2013)

एक मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले नौजवान के लिए, सिविल सेवा परीक्षा में 2 रैंक हासिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है जिसके साथ उसने अपने स्कूल के दिनों के दौरान स्थापित किये गए लक्ष्य को प्राप्त किया.

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12 जून 2014 की शाम जिस दिन सिविल सेवा परीक्षा 2013 के परिणाम की घोषणा हुई थी, मेरी मुलाकात 28 वर्षीय मुनीश शर्मा से हुई और इस शानदार सफलता को जीवन की प्रगति में एक सुखद घटना मानने वाले एक विनम्र, संतुलित और आकृषक व्यक्तित्व के धनी युवा से हुई.

एक मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले नौजवान के लिए, सिविल सेवा परीक्षा में 2 रैंक हासिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है जिसके साथ उसने अपने स्कूल के दिनों के दौरान स्थापित किये गए लक्ष्य को प्राप्त किया.

मुनीश ने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, नई दिल्ली से बायोकैमिस्ट्री में स्नातक और लाल बहादुर शास्त्री प्रबंधन संस्थान से एम.बी.ए. किया है.

सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी शुरूआत 2012 में हुई जब के.पी.एम.जी. जैसी अंर्तराष्ट्रीय संस्था की एक आकर्षक नौकरी त्याग कर इस ओर मन बनाया. मनीश कहते हैं कि सिविल सेवा में कैरियर चुनने के लिए योजना के बीज तो स्कूल में ही पड़ गये थे क्योंकि मुझे मेरे शिक्षकों ने सिविल सेवा में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित किया था.Munish-sharma-ias-topper-2nd-rank-cse-2013

मुनीश ने कहा कि सच में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी एक अद्भुत यात्रा रही और मुझे बहुत मज़ा आया. साथ ही वह अपनी और गुरु करमजीत सर को इस सफलता के लिए श्रेय देने से नहीं भूले.

अस्तित्व के लिए संघर्ष का प्रतीक है मेरी माँ, वह बोले. यहां तक ​​कि परिवार के करीबी रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा दिए गए समर्थन का मेरी सफलता में एक सक्षम योगदान रहा है.

मैंने इस परिणाम के बारे में उनसे पूछा तो मनीश ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता की भविष्यवाणी करने के लिए शायद किसी के पास दिव्यदृष्टि हो सकती है परन्तु मेरे पास ऐसे कोई गुण नहीं.

पिछले प्रयास में भी मैं सिविल सेवा परीक्षा 2012 में अच्छे रैंक को साथ सफलता का आशा लगाये बैठा था. योग्यता सूची में शीर्ष 10 उम्मीदवारों में अपना नाम पाने की उम्मीद कर रहा था. जब नाम नहीं दिखा तो फिर 20, फिर 30 रैंक में खोज की. अंततः, सूची में मेरा नाम खोजने के लिए कम्पयूटर पर (Control- F)  ढूंढने की कोशिश की. मुझे अभी भी याद है कि अपना नाम खोजने के क्रम में मैं हताश नहीं हुआ और कैपिटल लैटर्स में नाम टाईप कर खोज सुधारी. लेकिन कुछ नहीं मिल सका.

इस बार मैं लगभग समान रूप से अच्छे प्रयास के साथ संतुष्ट था दूसरे स्थान पर अपना नाम देखना मेरे लिए सुखद आश्चर्य रहा है. लगने लगा है कि यह काफी असली है लेकिन, अनुभव सच में अद्भुत है जिसका अहसास धीरे-धीरे हो रहा है क्योंकि मैंरे अपने करीबी लोगों खुशियाँ मना रहे हैं और ऐसा करने के लिए उमके पास कारण है.

Last Update Saturday 16th July 2016     

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