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क्या प्रारंभिक परीक्षा सबसे कठिन चरण है?

Atul Kapoor
3rd August 2016 IST
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कई बार यह तय करने के बारे में बहस हो जाती है कि प्रारंभिक परीक्षा मुश्किल है या मुख्य परीक्षा. यह विषय अब प्रश्न-पत्र द्वितीय क्वालीफाइंग करने के बाद अधिक प्रासंगिकता बन पड़ा है. यह तथ्य है कि आपका परिणाम प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र प्रथम पर निर्भर करता है और कुल 200 अंकों में से प्राप्तांक प्रारंभिक परीक्षा में आपके भाग्य का फैसला करेंगे.

इस विषय पर बात करने से पहले यह जान लें कि यह एक बहुत ही व्यक्तिपरक प्रश्न है और यह व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करता है कि वे संघ लोक सेवा आयोग द्वारा अपनाये जाने वाले मूल्यांकन के दो अलग-अलग तरीकों के बारे में क्या सोच रखते है जिनके द्वारा पहले प्रारंभिक परीक्षा में और बाद में मुख्य परीक्षा का सामना करना होता है.

हालांकि, प्रारंभिक परीक्षा एक स्क्रीनिंग परीक्षा है, फिर भी इसके महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है जिसके पार करने पर ही आप अगले स्तर तक ले जाने का मौका पाते हैं.

इसके अलावा, प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहे अन्य उम्मीदवारों के बारे में आप पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं जिनसे आपका सामना होने जा है. और केवल एक प्रभावी तैयारी के साथ ही आप प्रतिस्पर्धा में बढ़त की उम्मीद कर सकते हैं.

यह सब प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र प्रथम के कुल 200 अंकों में से आपके द्वारा प्राप्तांकों पर निर्भर करता है. जब मूल्यांकन का आधार सुकुड़ गया है तो अधिक दबाव स्वभाविक है और इसप्रकार दृश्य और अधिक चुनौतीपूर्ण बन पड़ा है.

यह भी पढ़ें: प्रारंभिक परीक्षा 2016 का आत्मविश्वास से सामना करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु

जब परीक्षा सर पर है इस समय आत्म-संतुष्ट होने की कोई गुंजाइश नहीं है; आपको एक उच्च स्तरीय प्रयास देना है जो आपको अगले चरण तक ले जाये; अन्यथा, आपको एक बार फिर से इसी अनुक्रम का सामना करना होगा जिसके लिए एक साल इंतजार करना होगा.

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2015 की कट-ऑफ 107.34 अंक रही थी; इसलिए, अपना लक्ष्य इस से अधिक रखने पर ही किसी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा सकती है.

उम्मीद है कि आपने प्रारंभिक परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयारी की है

हाल में हुए बदलते माहौल में सभी एकीकृत दृष्टिकोण (प्रारंभिक + मुख्य परीक्षा) को अपना, सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करने के सुझाव का समर्थन करते हैं. वैसे भी परीक्षा-योजना ऐसी है कि आपसे सिविल सेवा परीक्षा की पूरी योजना पर अमल करने की आपेक्षा रखती है न कि प्रत्येक चरण हेतु अलग से.

जिस तरह से प्रश्नों की सरचना है, अब प्रारंभिक परीक्षा हेतु व्यापक अध्ययन वाले दृष्टिकोण की आवश्यकता है जहाँ आपसे अधिक से अधिक विसतृत ज्ञान की आपेक्षा है, परन्तु बहुत ज्यादा गहराई की नहीं.

जो उम्मीदवार इस बात को समझते हैं, प्रारंभिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं और तैयारी के बोझ का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में सक्षम होते हैं.

कैसे करें इस स्थिति का सामना ?

आप परीक्षा-भवन में प्रयास करते हुए प्रश्नों को हल करते समय अधिक सतर्कता बरतें और उत्तर-शीट पर अंकन करते हुए सावधान रहें.

आपको प्रश्न-पत्र हल करने का प्रयास करने के लिए एक रणनीति की आवश्यकता है और नकारात्मक-अंकन को सदैव ध्यान में रखना होगा.

हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों ने शायद उभरती आवश्यकताओं को समझने में कठिनाई का सामना किया है. यह उम्मीदवार पिछले पांच वर्षों में प्रारंभिक परीक्षा को प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम नहीं रहे; फलस्वरूप यह एक अड़चन साबित हुई है और ज्यादातर उम्मीदवार पहले से ही चरण को पार नहीं कर पाये.

उम्मीद है इस बार हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों ने एक बेहतर प्रयत्न के साथ पाठ्यक्रम का एक प्रभावी कवरेज किया होगा और कौशल एवं तकनीक से लैस प्रारंभिक परीक्षा का सामना आत्मविश्वास से करने के लिए आतुर होंगे.

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